ऋद्धिमान साहा ने BCCI अनुबंध बचाने के लिए रची झूठी कहानी? सीनियर जर्नलिस्ट ने किया चौंकाने वाला खुलासा
Wriddhiman Saha: दो साल पहले भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज ऋद्धिमान साहा ने एक सीनियर जर्नलिस्ट पर सोशल मीडिया के जरिये कुछ आरोप जड़े थे। इंटरव्यू को लेकर हुई बातचीत के स्क्रीन शॉट साहा ने सोशल मीडिया पर डाले थे और बाद में बीसीसीआई ने इस पर संज्ञान लिया था।
बीसीसीआई ने सीनियर जर्नलिस्ट बोरिया मजूमदार को दो साल के लिए बैन कर दिया था। साहा के पोस्ट के बाद मजूमदार का सोशल मीडिया ट्रायल शुरू हो गया था। बाद में बोर्ड ने भी उनको बैन कर दिया था। अब उस मामले पर बोरिया ने चौंकाने वाला खुलासा किया है।

बोरिया मजूमदार अपनी किताब लेकर आए हैं, जिसका नाम 'BANNED' रखा गया है। साहा वाले मामले को लेकर उन्होंने इसमें चौंकाने वाले खुलासे किये हैं। बोरिया का कहना है कि साहा के साथ उनके 12 सालों से रिश्ते थे और वह पहले भी उनका इंटरव्यू कर चुके थे। उस दिन भी इंटरव्यू शेड्यूल हुआ था।
न्यूज 24 को दिए इंटरव्यू में बोरिया ने कहा कि आईपीएल नीलामी में बिकने के बाद साहा का जूम इंटरव्यू होना तय किया गया था। इसके बाद हम तैयार थे और टीम की तरफ से साहा को कई फोन किये गए लेकिन उन्होंने जवाब ही नहीं दिया। इस वजह से मैंने उनको गुस्से में एक मैसेज किया, क्योंकि 12 सालों से हम दोनों काफी अच्छे दोस्त रहे हैं।
बोरिया ने कहा कि साहा ने बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली की चैट और हेड कोच राहुल द्रविड़ के साथ ड्रेसिंग रूप में हुई सीक्रेट बातें भी लीक कर दी थीं। उनका वार्षिक अनुबंध जा सकता था। इस वजह से उन्होंने मेरी बातचीत का स्क्रीन शॉट 6 से 7 दिन बाद सोशल मीडिया पर डाल दिया। उसमें उन्होंने मैसेज की तारीख में भी बदलाव किया था। मजूमदार ने इंटरव्यू के दौरान एंकर वैभव भोला को वह चैट भी दिखाई।
मजूमदार ने कहा कि साहा से इतना पुराना रिश्ता था और वह मुझे कॉल पर भी बोल सकते थे कि अरे यार ऐसे मैसेज मत करो। उन्होंने खुद को बचाने के लिए टूल के रूप में मेरे मैसेज का सहारा लिया। मैसेज पर बातें तो पहले भी होती रही हैं। एक बार साहा जब एनसीए में थे, तब उन्होंने मुझे कहा कि मेरा थोड़ा ध्यान रखना, आप जानते हैं कि मेरे साथ क्या हो रहा है।
अपनी किताब में बोरिया मजूमदार ने विस्तार से उस घटनाक्रम का जिक्र किया है। यह भी बताया गया कि कैसे उनको बैन करने का फैसला लिया गया। सोशल मीडिया ट्रायल के कारण मेरे परिवार को गालियाँ दी गई और हर कोई वहां पहले ही जज बनकर बैठ गया। इस वजह से मैंने किताब के जरिये उस दबे हुए सच को बाहर लाने का प्रयास किया है।
उस समय मजूमदार ने साहा को यही कहा था कि मैं अब आपका साथ नहीं दे पाऊंगा, आगे से इंटरव्यू भी नहीं करूँगा, इसे साहा ने सोशल मीडिया पर डालकर धमकी बताया। साहा ने 7 दिन बाद चैट का स्क्रीन शॉट डाला था।












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