ऐसी इनस्विंगर देखी नहीं ! भुवी की वह गेंद हवा में किसी बैले डांसर की तरह लहराई और फिर...
पहले टी-20 क्रिकेट मैच में जोस बटलर का विकेट स्विंग गेंदबाजी का सर्वश्रेष्ठ नमूना था।
स्पोर्ट्स डेस्क, 10 जुलाई: पहले टी-20 क्रिकेट मैच में जोस बटलर का विकेट स्विंग गेंदबाजी का सर्वश्रेष्ठ नमूना था। भुवनेश्वर कुमार की गेंद हवा में किसी बैलै डांसर की तरह लहरायी, पिच पर टप्पा खाने के बाद गेंद ने तेजी से कांटा बदला और बटलर के लेग स्टंप की घुमी। अंदर आती गेंद पर बटलर फ्लिक शॉट खेलना चाहा थे लेकिन वे स्विंग से गच्चा खा गये। गेंद उनके पैड से टकरा कर लेग ले उड़ी। गेंद जब हवा में थी तब आफ स्टंप पर जाती लग रही थी। लेकिन गेंद इतनी ज्यादा स्विंग हुई कि वह लेग स्टंप के बाहर निकलने लगी। इस गेंद को सर्वश्रेष्ठ इनस्विंगर के रूप में याद किया जाएगा।

स्विंग के किंग है भुवी
बटलर जैसे धाकड़ बल्लेबाज का चकमा खाना, गेंद और गेंदबाज की काबिलियत बयां करता है। बटलर के इस विकेट से ये बात साबित होती है कि भुवनेश्वर कुमार स्विंग के किंग हैं। क्रिकेट जानकारों का कहना है कि भुनेश्वर कुमार अभी विश्व के दूसरे सर्वश्रेष्ठ स्विंग गेंदबाज हैं। उनसे आगे सिर्फ जिमी एंडरसन ही हैं। कगिसो रबाडा और मिचेल स्टार्क की गति जरूर अधिक हैं लेकिन भुनवेश्वर इनसे बेहतर स्विंग गेंदबाज हैं।

क्या भुवी को टी20 विश्व कप की भारतीय टीम में शामिल करना चाहिए?
क्रिकेट पंडितों का कहना है कि ऑस्ट्रेलिया की पिच पर गेंद को बाउंस ज्यादा मिलती है और हवा में दूर तक लहराती भी है। ऐसी पिचों पर भुवनेश्वर खतरनाक तेज गेंदबाज साबित होंगे। भुवनेश्वर पर बहुत भरोसा करते हैं रोहित शर्मा। भुनेश्वर कुमार प्यार से इन्हें भुवी कहते हैं। इस साल फरवरी में जब भारत ने वेस्टइंडीज के खिलाफ टी-20 सीरीज खेली थी तब भुवनेश्वर ने 19 वें ओवर में सिर्फ चार रन दिये थे और निकोलस पूरन का विकेट भी लिया था। पूरन और रोवमैन पावेल जैसे विस्फोटक बल्लेबाज भी भुवी के गेंदों पर लंबे हिट्स नहीं लगा सके। इसकी वजह से भारत ने करीबी मुकाबले में 8 रनों से यह मैच जीता था।

रोहित ने की थी तारीफ
मैच के बाद रोहित शर्मा ने कहा था, हम भुवनेश्वर कुमार पर बहुत भरोसा करते हैं। उनकी गेंदबाजी इस मैच की टर्निंग प्वाइंट थी। वे अनुभवी हैं और कई वर्षों से डेथ ओवरों में बेहतरीन गेंदबाजी कर रहे हैं। वे पावर हिटर्स के खिलाफ भी बेहतरीन गेंद डालते हैं।
भुवी की इस बॉलिंग पर वेस्टइंडीज के कप्तान पोलार्ड ने कहा था, गेंद हवा में घूम रही थी और उनके (भारत) पास अच्छे गेंदबाज हैं। उनकी अच्छी गेंदबाजी को श्रेय देना होगा। भुवी को टी-20 के सफलतम तेज गेंदबाजों में एक माना जाता है। उनकी विशिष्ट प्रतिभा उन्हें अन्य तेज गेंदबाजों से अलग करती है। वे नयी गेंद से भी स्विंग कराने की अद्भुत क्षमता रखते हैं। गेंद जब पुरानी हो जाती है तब वे स्वभाविक स्विंग से बल्लेबाजों को परेशान करते हैं। इसकी वजह से डेथ ओवरों में उनकी गेंद पर रन बनाना मुश्किल होता है।

पिछले साल उनकी फॉर्म पर उठने लगे थे सवाल
चोट की वजह से भुवनेश्वर कुमार टीम से अंदर बाहर होते रहे हैं। नवोदित तेज गेंदबाजों से स्पर्धा करने के लिए उन्होंने खुद को नये सांचे में ढाला है। वे जब भी टीम से बाहर होते हैं तब अपनी गेंदबाजी पर बहुत मेहनत करते हैं। वे जानते हैं कि अगर टीम इंडिया में बने रहना है तो अपनी क्षमता साबित करनी होगी। जब उनकी गति कुछ कम हो गयी तो उन्होंने नयी गेंद से भी स्विंग कराने की कला सिखी। नकल बॉल और यॉर्कर से उन्होंने अपनी गेंदबाजी को प्रभावी बनाया।

दो बार IPL में जीती पर्पल कैप
भुवनेश्वर कुमार भारत के अकेले ऐसे गेंदबाज हैं जिन्होंने आईपीएल में लगातार दो बार पर्पल कैप हासिल की। उन्होंने 2016 और 2017 के आईपीएल में सबसे अधिक विकेट लिये थे। आइपीएल की कामयाबी ने ही भुनेश्वर को टी-20 का बेहतरीन गेंदबाज बना दिया। यहीं भुवी ने सीखा कि डेथ ओवरों में कैसे सटीक गेंदबाजी की जाती है। लेकिन 2020 और 2021 के आईपीएल में भुवी नाकाम रहे। पिछले साल उनकी फॉर्म और फिटनेस पर सवाल उठने लगे थे।

2022 में शानदार वापसी
2022 के आईपीएल में उन्होंने शानदार वापसी की। इस प्रतियोगिता में उन्होंने एक खास रिकॉर्ड बनाया। वे आइपीएल इतिहास के पावर प्ले में सबसे अधिक विकेट (54) विकेट लेने वाले गेंद बने। 14 मैचों में भले 12 विकेट मिले लेकिन उन्होंने गेंदबाजी से बहुत प्रभावित किया। जब सनराइजर्स हैदराबाद ने मुम्बई इंडियंस को जब 3 रन से हराया था तब उस जीत में सबसे बड़ी भूमिका भुवनेश्वर की ही थी। उन्होंने 19वां ओवर मेडन डाल कर मैच हैदराबाद की तरफ मोड़ दिया था। उन्होंने लगातार सटीक यॉर्कर डाल कर रन बनाना मुश्किल कर दिया।

टीम इंडिया के लिए बढ़िया संकेत
टी-20 में अगर कोई गेंदबाज 19 वां ओवर मेडन डाले तो उसकी क्षमता का अंदाजा लगाया जा सकता है। इस लाजवाब गेंदबाजी के कारण उनकी टीम इंडिया में वापसी हुई। पिछले महीने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेली गयी टी-20 सीरीज में उन्होंने कमाल की गेंदबाजी की। वे टीम इंडिया के मैच विनर तेज गेंदबाज के रूप में उभरे और मैन ऑफ द सीरीज करार दिये गये। उन्होंने चार मैचों में 10.4 की स्ट्राइक रेट से 6 विकेट लिये। टी-20 में दो बार मैन ऑफ द सीरीज का खिताब जीतने वाले वे पहले भारतीय तेज गेंदबाज हैं। वे किसी भी पिच पर गेंद को स्विंग कराने की क्षमता रखते हैं। टी-20 विश्वकप से पहले उनका लय में आना भारत के लिए शुभ संकेत है।












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