भारतीय टीम के मस्ती करने के दिन हुए खत्म, BCCI ने 10 कड़े नियम जारी किये, जानिए बोर्ड की गाइडलाइन
BCCI Rules for Indian Team: ऑस्ट्रेलिया में भारतीय टीम की करारी हार के बाद भारतीय टीम के ऊपर बीसीसीआई ने कड़ा एक्शन लिया है। सभी मौज-मस्ती वाले दिन अब गए। बोर्ड ने नियमावली जारी कर दी है और इसे हर प्लेयर को मानना ही पड़ेगा। परिवार को लेकर भी नियम बनाया है।
बीसीसीआई ने मीटिंग के बाद दस नियमों को जारी कर दिया है। इसे डिटेल में बताया गया है। पालन नहीं करने पर कड़ी कार्रवाई हो सकती है। प्लेयर्स के बैग्स का वजन और टीम के साथ ट्रेवल करने का भी नियम लागू कर दिया गया है।

- प्लेयर्स को घरेलू क्रिकेट के लिए तैयार रहना होगा। उनको घरेलू क्रिकेट के ईकोसिस्टम से जुड़कर रहना होगा। फिटनेस, स्ट्रेंथनिंग आदि पर ध्यान रखना पड़ेगा।
- प्रैक्टिस सेशन और मैच आदि में प्लेयर्स टीम के साथ ही जाएंगे। अलग से ट्रेवल करना अनुशासनहीनता में आएगा।अगर हेड कोच और सलेक्शन कमिटी से पहले मंजूरी ली है, तो जा सकते हैं।
- टीम के प्लेयर्स के लिए बैगेज जितना निर्धारित है, वही लेकर जाना है। ज्यादा वजन होने पर खर्च उसी प्लेयर को वहन करना होगा।
- 30 से ज्यादा दिन के विदेश दौरे पर 3 सूटकेस और 2 किट बैग की अनुमति होगी। वजन 150 किलोग्राम हो सकता है। सपोर्ट स्टाफ के लिए 2 सूटकेस और एक छोटे बैग की अनुमति है। वजन 80 किलोग्राम तक हो सकता है।
- विदेश में 30 से कम दिनों के दौरे पर प्लेयर्स को 4 बैग लेकर जाने की अनुमति होगी और वजन 120 किलोग्राम से ज्यादा नहीं हो सकता। सपोर्ट स्टाफ के लिए 2 बैग होंगे, 60 किलोग्राम वजन होगा।
- घरेलू सीरीज के लिए प्लेयर्स को किट बैग सहित 4 बैग्स की अनुमति होगी, वजन 120 किलोग्राम हो सकता है। सपोर्ट स्टाफ के लिए वही 60 किलोग्राम वाला नियम होगा।
- दौरे पर कोई पर्सनल स्टाफ, मैनेजर, कुक आदि नहीं लेकर जा सकते। बीसीसीआई अगर मंजूरी देती है, तो ऐसा कर सकते हैं। फोकस टीम ओपरेशनल्स पर ही होना चाहिए।
- बेंगलुरु के सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस में प्लेयर्स को अपना सामान भेजने के लिए टीम मैनेजमेंट से कोर्डिनेशन करना पड़ेगा। अलग से व्यवस्था के लिए कोई और चार्ज लगते हैं, तो पैसा प्लेयर ही देगा।
- अभ्यास के लिए प्लेयर्स को निर्धारित समय तक उपलब्ध रहना है। बीच में प्रैक्टिस छोड़कर नहीं जा सकते हैं। वेन्यू और वापस आने तक टीम के साथ ही रहना है।
- सीरीज और टूर के बीच में पर्सनल शूटिंग नहीं की जा सकती। मैचों पर ही फोकस किया जाना चाहिए।
- विदेशी दौरा 45 दिन से ज्यादा का है, तो प्लेयर्स की पत्नियाँ और बच्चे एक बार मिल सकते हैं, यह अवधि दो सप्ताह की होगी।
- बीसीसीआई सिर्फ प्लेयर के साथ आने वाले फैमिली मेम्बर के लिए शेयर्ड अकोमोडेशन की व्यवस्था करेगी, बाकी खर्च प्लेयर उठाएगा। कोच, कप्तान और जीएम ऑपरेशन की सहमति से एक बार ही विजिट की अनुमति होगी। इसके अलावा कोई भी खर्च प्लेयर ही उठाएगा। बोर्ड की जिम्मेदारी नहीं होगी।
- बीसीसीआई के आधिकारिक शूट, प्रमोशन और फंक्शन के लिए प्लेयर्स को उपलब्ध रहना होगा। यह स्टेकहोल्डर्स के साथ बोर्ड की प्रतिबद्धता और गेम को प्रमोट करने के लिए जरूरी है।
- शेड्यूल समाप्त होने तक प्लेयर्स को टीम के साथ रहना है, भले ही मैच समय से पहले ही समाप्त हो गए हों। इससे टीम में यूनिटी बनाए रखने में मदद मिलेगी।












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