BCCI Central Contract 2026: रोहित-कोहली को करोड़ों का नुकसान? BCCI के नए कॉन्ट्रैक्ट प्लान में होगा बदलाव
BCCI Central Contract 2026: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) एपेक्स काउंसिल की बैठक में पुरुष टीम के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट पर बड़ा फैसला ले सकती है। अजीत अगरकर की अध्यक्षता वाली चयन समिति ने ग्रेडिंग प्रणाली को और अधिक तर्कसंगत बनाने के लिए कुछ महत्वपूर्ण प्रस्ताव दिए हैं। जिस पर बोर्ड के बड़े अधिकारी जल्द ही अंतिम निर्णय लेगा।
ग्रेड A+ को समाप्त करने का प्रस्ताव (BCCI Central Contract 2026)
रिपोर्ट्स के अनुसार, बीसीसीआई 'ग्रेड A+' श्रेणी को समाप्त करने पर विचार कर रहा है। वर्तमान व्यवस्था के तहत अनुबंधित खिलाड़ियों को चार श्रेणियों A+, A, B और C में बांटा गया है। ग्रेड A+ में शामिल खिलाड़ियों को सालाना 7 करोड़ की रिटेनर राशि दी जाती है। अन्य श्रेणियों के लिए यह राशि क्रमशः 5 करोड़ (A), 3 करोड़ (B) और 1 करोड़ (C) है।

रोहित-कोहली की सैलरी में हो सकती है कटौती
चयन समिति का मानना है कि बदलती परिस्थितियों और खिलाड़ियों की फॉर्मेट को देखते हुए इस ढांचे में बदलाव की आवश्यकता है। मौजूदा समय में रोहित शर्मा, विराट कोहली, जसप्रीत बुमराह और रवींद्र जडेजा 'ग्रेड A+' का हिस्सा हैं। हालांकि, टी-20 अंतरराष्ट्रीय प्रारूप से संन्यास लेने के बाद रोहित और कोहली अब केवल वनडे (ODI) मैचों के लिए उपलब्ध हैं। वहीं जडेजा टेस्ट और वनडे खेल रहे हैं।
नई प्रस्तावित व्यवस्था में इस बात पर बहस तेज है कि क्या केवल एक या दो फॉर्मेट खेलने वाले खिलाड़ियों को सर्वोच्च वेतन श्रेणी में रखा जाना चाहिए। यदि ग्रेड A+ को हटाया जाता है, तो यह देखना दिलचस्प होगा कि इन दिग्गजों को किस आधार पर नई श्रेणियों में जगह दी जाती है। दूसरी ओर, शुभमन गिल (टेस्ट और वनडे कप्तान) और ऋषभ पंत जैसे खिलाड़ी, जो तीनों फॉर्मेट में सक्रिय हैं, नए समीकरणों में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
कौन से खिलाड़ी किस ग्रेड में
ग्रेड A: मोहम्मद सिराज, केएल राहुल, शुभमन गिल, हार्दिक पांड्या, मोहम्मद शमी और ऋषभ पंत।
ग्रेड B: सूर्यकुमार यादव (T20I कप्तान), अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, यशस्वी जायसवाल और श्रेयस अय्यर।
ग्रेड C: इस श्रेणी में रिंकू सिंह, संजू सैमसन, ईशान किशन और अभिषेक शर्मा सहित कुल 19 युवा खिलाड़ी शामिल हैं।
बीसीसीआई के सूत्रों का कहना है कि चयन समिति के प्रस्ताव अभी बोर्ड के वरिष्ठ पदाधिकारियों के पास औपचारिक चर्चा के लिए नहीं पहुंचे हैं। एपेक्स काउंसिल की अगली बैठक की तारीख घोषित होने के बाद इन प्रस्तावों पर चर्चा होगी। किसी भी प्रकार का वित्तीय बदलाव या श्रेणियों का विलय केवल काउंसिल की मंजूरी के बाद ही लागू किया जाएगा।












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