जंग नहीं लगेगा, ये वो लोहा है जो चमकता रहेगा, वार्नर के लिए जादुई क्षण बन गई ये 200 रनों की पारी
डेविड वार्नर ने एक ऐसी पारी को अंजाम दिया जो उनको वार्नर के तौर पर फिर से स्थापित करती है। पिछले 12 महीनों में उस तरह का पारी देखने को नहीं मिल पा रही थी जिसके लिए लोग वार्नर को जानते हैं लेकिन अब सब बदल गया है।

ऑस्ट्रेलिया के धुरंधर ओपनर डेविड वार्नर के लिए जिस पारी की तलाश लंबे समय से थी वह दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ बॉक्सिंग डे टेस्ट मैच के दौरान खत्म हो गई जब उन्होंने साउथ अफ्रीका के खिलाफ दोहरा शतक लगाया। इससे पहले वे कुछ बढ़िया पारियां क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट में खेल चुके थे लेकिन पिछले कुछ समय से लंबे प्रारूप में इस तरह की पारी की सख्त दरकार थी। खासकर जिस तरह से वार्नर क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ लगातार अपना गुस्सा प्रदर्शित कर रहे थे उसके बाद लग रहा था उनके अंदर खुद को फिर से साबित करने के लिए आग दहक रही है।
इस पल को जादुई बताया
36 की उम्र में वार्नर पिछले कुछ समय से मंद पड़ते जा रहे थे जैसा की उम्र के एक पड़ाव के बाद हो जाता है। लेकिन उन्होंने साबित किया वे उस लोहे से बने हैं जिस पर जंग नहीं लगता बल्कि मजबूत इरादों की तपिश से वो हमेशा चमकता रहता है। मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड में ये पारी खेलने के बाद वार्नर ने इस पल को जादुई बताया है। उन्होंने प्रोटियाज बॉलिंग अटैक की जमकर धुनाई की और कुछ दर्शनीय स्ट्रोक से दर्शकों का मनोरंजन किया। वार्नर ने कहा कि अपने प्लान के हिसाब से खेल पाए जो शानदार बात रही।
वार्नर ने तीसरे दिन के खेल से पहले चैनल 7 से कहा, "इस बार काफी दबाव था, मैं आमतौर पर दबाव महसूस नहीं करता, मैं घबराता नहीं हूं। लेकिन यहां से बाहर निकलना और अपने दोस्तों से कहना कि मैं स्कोर करने और इंटेंट के साथ बैटिंग करने जा रहा हूं तो उस पर अमल करना बहुत ही शानदार था।"

पिता ने कहा- अब तक की सबसे अच्छी पारी
वॉर्नर ने अपनी पारी देखने के बाद अपने माता-पिता की भावनाओं का भी खुलासा किया और कहा कि वह अपने पिता को फोन पर यह कहते हुए सुन सकते हैं कि उनकी 200 रन की पारी अब तक की सबसे अच्छी पारी थी। फोन पर पिता पीछे से रो रहे थे और कह रहे थे कि ये उनकी सबसे अच्छी पारी है।
मंगलवार को अपना दोहरा शतक जमाने के बाद वार्नर को रिटायर्ड हर्ट होना पड़ा और उन्होंने खुलासा किया कि उस समय तक उनकी बाईं पिंडली में चोट लग गई थी। वे छलांग नहीं लगा पा रहे थे और ये भी नहीं पता था अब क्या किया जाए। हालांकि वार्नर बाद में वापस आए लेकिन स्कोर में कोई रन और नहीं जोड़ सके। उनको 200 के स्कोर पर ही एनरिक नॉर्टजे ने बोल्ड किया।
वॉर्नर ने कहा कि परिवार और दोस्तों के सामने दोहरा शतक बनाना उनके लिए एक जादुई क्षण था।
वार्नर ने कहा, "जब आपकी पीठ दीवार के खिलाफ होती है, तो आप केवल आगे बढ़ने के लिए देख सकते हैं, मैं हमेशा ऐसा ही रहा हूं। यह भावनात्मक था। इस दौरान जो इटेंट दिखाई वो शायद पिछले 12 महीनों से गायब थी। यह एक जादुई क्षण था और इसे अपने परिवार और दोस्तों के सामने करने पर गर्व है।"
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