कहीं कोलकाता नाइट राइडर्स की वाट ना लगा दें अजिंक्य रहाणे, क्या हैं KKR के पास विकल्प
नई दिल्ली, 15 अप्रैल: अजिंक्य रहाणे एक ऐसे बल्लेबाज हैं जिनको भारतीय क्रिकेट टीम से उनकी खराब फॉर्म के चलते निकाल दिया गया है। यह खिलाड़ी लंबे समय से टेस्ट क्रिकेट में अपने अनुभव के मुताबिक योगदान नहीं कर पा रहा था जिसके चलते चयनकर्ताओं को 33 साल के रहाणे को बाहर का रास्ता दिखाना पड़ा। अजिंक्य रहाणे ने टीम इंडिया के लिए साल 2018 में सफेद गेंद क्रिकेट खेला था लेकिन वह अपने गेम को समय के मुताबिक ढाल नहीं पाए जिसके चलते तब से लेकर आज तक वे भारतीय सफेद गेंद क्रिकेट टीम में कभी अपनी जगह बनाते हुए दिखाई नहीं दिए।

वाट ना लगा दें अजिंक्य रहाणे
इसी बीच आईपीएल चलता रहा लेकिन रहाणे वहां भी कुछ खास नहीं कर पाए और आईपीएल 2022 से पहले मेगा नीलामी में जब कोलकाता नाइट राइडर्स ने इस खिलाड़ी को लिया तो रहाणे के पास इस फॉर्मेट में अपने आपको साबित करने का सुनहरा मौका भी था और टीम इंडिया को यह बताने का भी एक अवसर था कि उनके पास अभी कुछ दमखम बाकी है। लेकिन अफसोस, ऐसा कुछ भी नहीं हुआ और जिन आलोचनाओं के चलते हम अजिंक्य रहाणे को पिछले काफी समय से चर्चाओं में पा रहे हैं, वही आलोचनाएं अभी भी जारी रहने की पूरी उम्मीद है।

केकेआर ने नीलामी में खरीदा तो हैरानी हुई थी
आईपीएल में केकेआर की ओर से ओपनिंग कर रहे रहाणे अपनी टीम को बेहतर शुरुआत देने में पूरी तरह विफल रहे हैं। उनके पास ना शॉट है और ना ही पॉजिटिव होकर खेलने की क्षमता। इसके चलते केकेआर की टीम के पास ओपनिंग में वह एक्स फैक्टर नहीं दिखाई दे रहा है जो बाकी बड़ी टीमों के पास मौजूद है। केकेआर की टीम ने जब शुभमन गिल को गुजरात टाइटंस में जाने दिया और नीलामी में रहाणे को एक करोड़ में खरीदा, तब ही काफी लोगों की भौहें चढ़नी शुरू हो चुकी थी।

फिलहाल रहाणे का संघर्ष चरम पर-
ऐसा भी नहीं है कि रहाणे को इस सीजन में शुरुआत नहीं मिली क्योंकि वह सीजन 2022 के पहले ही मुकाबले में चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ 34 गेंदों में 44 रन बना चुके थे जिसको अच्छी शुरुआत मानी जाएगी लेकिन बाद में यह खिलाड़ी कुछ भी नहीं कर पाया और अगले 4 मैचों में 100 की स्ट्राइक रेट पर भी बल्लेबाजी करने के लिए संघर्ष करता रहा। दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ पिछले मुकाबले में तो रहाणे और भी बुरी स्थिति में दिखाई दिए जब शुरुआत की तीनों गेंदों पर आउट होते होते बचे। सच तो यह है कि तीसरी गेंद पर वे वास्तव में आउट थे लेकिन एंपायर यह चीज देख नहीं पाए।

सुनील नरेन को टॉप ऑर्डर में ट्राई किया जा सकता है-
वैसे तो केकेआर की टीम के पास आरोन फिंच भी है लेकिन यह खिलाड़ी भी बहुत विश्वसनीय नहीं दिखाई देता है और ओवरसीज ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी होने के नाते उनके टिकाऊपन पर भी एक सवाल है। ऐसे में सुनील नरेन को टॉप में जरूर ट्राई किया जा सकता है। उन्होंने पिछले 5 मैचों में केवल दो बार ही बल्लेबाजी की है और वह स्पिनर को हिट करने की अपनी जबरदस्त क्षमता के चलते निश्चित तौर पर कोलकाता को कुछ विकल्प उपलब्ध करा सकते हैं।

बाकी विकल्प ये हैं-
अगर आप नरेन के साथ नहीं जाना चाहते तो शेल्डन जैकसन के साथ जा सकते हैं और सैम बिलिंग को एक बल्लेबाज के तौर पर उतार सकते हैं। शेल्डन जैकसन स्पिन बॉलिंग के लिए बेहतर विकेटकीपर भी होंगे। समस्या यह है कि केकेआर की टीम शायद ही इस बात को स्वीकार करेगी कि उनके पास अजिंक्य रहाणे से बेहतर ओपनिंग बल्लेबाज या टॉप ऑर्डर के बल्लेबाज भी मौजूद हैं। इसलिए यह संभावना है कि वह आने वाले मुकाबलों में भी रहाणे के साथ ही चिपके रहेंगे। केकेआर की आईपीएल नीलामी रणनीति कुछ-कुछ मुंबई इंडियंस के जैसी ही आलोचना से भरपूर रही थी और इसका खामियाजा उनको आने वाले समय में भुगतना पड़ सकता है।

कुछ युवा घरेलू बिग हिटिंग बल्लेबाज भी हैं
रहाणे भले ही कितने अच्छे बल्लेबाज हैं लेकिन अब वे एक T20 खिलाड़ी नहीं दिखाई देते हैं। केकेआर की टीम के पास कुछ युवा घरेलू बिग हिटिंग बल्लेबाज हैं जिनमें अमन खान का नाम लिया जा सकता है और अभिजीत तोमर भी अपने मौका मिलने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। एक मौके पर केकेआर की टीम को बहादुर होने की जरूरत पड़ेगी और उनको अजिंक्य रहाणे से छुटकारा पाने की भी जरूरत पड़ेगी। बस उनको यह फैसले जल्दी करने होंगी क्योंकि रहाणे की कंजरवेटिव अप्रोच केकेआर के लिए बेहतर नहीं है और अब आईपीएल में सभी टीमें एग्रेसिव क्रिकेट खेल कर ही आगे बढ़ने का मंत्र अपना चुकी है।












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