Fog नहीं Smog की चपेट में दिल्ली वाले, डॉक्टरों ने दी सचेत रहने की सलाह.. लोगों ने पूछा-ये धुआं-धुआं सा क्यों हैं....
नई दिल्लीः सर्दी का मौसम आ गया है और हर बार की तरह राजधानी में धुंध का प्रकोप भी शुरू हो गया है। हर साल की तरह इस बार की धुंध भी लोगों को परेशान कर रही है। लेकिन धुंध ठंड की वजह से नहीं थी बल्कि इसकी वजह बढ़ता प्रदूषण है। यह धुंध फॉन नहीं स्मॉग है। मंगलवार की सुबह पूरी दिल्ली धुंध की चादर से घिरी हुई दिखी। दिल्ली के इंडिया गेट, राष्ट्रपति भवन, काल किला जैसी इमारतों को पास देखना मुश्किल हो गया। दिल्ली में प्रदूषण का स्तर खतरे के निशान से आगे निकल गया है।

इस मुश्किल हालात को देखते हुए इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने दिल्ली सरकार को पत्र लिखकर अपील की है कि वह स्कूलों में आउटडोर गेम्स पर रोक लगाए। कहा जा रहा है कि हो सकता है दिल्ली में बढ़ें प्रदूषण को रोकने के लिए दिल्ली सरकार एक बार फिर से ऑड-ईवन लागू करे।
स्मॉग से बुर्जुर्गों और बच्चों को काफी मुश्किल हो सकती है। स्मॉग से अस्थमा के मरीजों के लिए भी दिल्ली-एनसीआर के लोगों के लिए काफी मुश्किल हो सकती है। सांस लेने में काफी मुश्किल हो सकती है। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि अस्थमा के मरीजों को घर से बाहर जाना है तो इन्हेलर (पंप) साथ में जरूर लेकर जाएं।
नोएडा और गाजियाबाद की एयर क्वालिटी इंडेक्स खतरे के निशान से आगे निकल गया है। अगर आने वाले समय में इसमें कोई सुधार नहीं होता है तो स्थिति को बेहतर करने के लिए स्कूलों को बंद किया जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने एयर क्वालिटी में सुधार लाने के लिए पटाखों पर भी बैन लगाया था लेकिन इसमें कोई सुधार देखने को नहीं मिला था।
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