Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

कौन हैं राकेश राठौर 'गुरु', जिन्होंने संघर्षों से तय किया स्कूटर मैकेनिक से मंत्री बनने तक का सफर

सीतापुर, 26 मार्च: राकेश राठौर 'गुरु' ने स्कूटर मैकेनिक से योगी सरकार में मंत्री बनने तक सफर तय किया है। शुक्रवार 25 मार्च को राकेश राठौर गुरु ने योगी मंत्रिमंडल मंत्री पद की शपथ ली। मंत्री बनने तक का सफर राकेश राठौर का काफी संघर्ष पूर्ण रहा है। आपको बता दें कि राकेश राठौर गुरु ने अपनी शुरूआत एक स्कूटर मैकेनिक से की थी। इसके बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा और अब मंत्री बन गए। हालांकि, वो अपनी इस सफलता के पीछे मोदी और योगी मंत्र को सर्वोपरि बताते हैं।

कौन हैं राकेश राठौर गुरु

कौन हैं राकेश राठौर गुरु

राकेश राठौर गुरु मूल रूप से मिश्रिख के रहने वाले है और करीब 40 साल पहले अपने परिवार के साथ सीतापुर आए थे। राकेश राठौर सीतापुर में दुर्गापुरवा इलाके में रहते हैं और कक्षा आठ पास हैं। राकेश ने शुरूआत में आरएमपी रोड पर करीब 10 साल तक स्कूटर मिस्त्री का काम किया। स्कूटर का प्रचलन थोड़ा थमा तो उन्होंने स्पेयर पार्ट्स का भी काम किया। अभी उनकी शहर कोतवाली के पास इनवर्टर-बैटरी की दुकान है। अपने व्यवहार और सादगी से उन्होंने हर किसी को अपना कायल कर लिया।

विधायकी का टिकट मिलने के बाद आए चर्चाओं में

विधायकी का टिकट मिलने के बाद आए चर्चाओं में

राकेश राठौर गुरु उस वकत चर्चाओं में आए जब भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें टिकट दिया। एक फरवरी को राकेश को टिकट मिला और 23 फरवरी को जिले में चुनाव होना था। चुनाव प्रचार के लिए राकेश के पास सिर्फ 22 दिनों का कम समय था। इस दौरान उनको पार्टी कार्यकर्ताओं की नाराजगी भी झेलनी पड़ी। हद तो तब हो गई जब पार्टी के एक नेता निर्दलीय रूप से उन्हीं के खिलाफ खडे़ हो गए। चुनाव के नतीजे भी चौकानें वाले आए और जीत की खुशी तब दोगुनी हो गई। जब शुक्रवार को राकेश राठौर गुरु को मंत्री बनाया गया।

राकेश राठौर गुरू की सादगी के हर कोई कायल

राकेश राठौर गुरू की सादगी के हर कोई कायल

उनकी सादगी का हर कोई कायल है। अभी मतदान के बाद भी वह अपने स्कूटर बनाने वाले साथियों के बीच गए और समय गुजारा था। 10 मार्च गुरुवार को मतगणना के दिन राकेश राठौर गुरु ने इस सीट से चार बार विधायक रहे राधेश्याम जायसवाल को हराया। आपको बता दें कि इनके परिवार की कोई राजनीतिक पृष्ठभूमि नहीं है, लेकिन राकेश राठौर किशोरावस्था से ही राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े थे। हालांकि भाजपा के सक्रिय कार्यकर्ता के रूप में इनकी छवि शुरू से ही रही है।

तो इसलिए नाम के पीछे लगा गुरु

तो इसलिए नाम के पीछे लगा गुरु

राकेश राठौर गुरु ने सक्रिय कार्यकर्ता के रूप में सालों साल अपना समय व्यतीत किया। साथ ही इन्होंने स्कूटर मैकेनिक का भी काम जारी रखा। स्कूटर मैकेनिकी में अच्छी जानकारी होने के चलते दूसरे मैकेनिक इन्हें गुरु के नाम से बुलाते थे, इसलिए इनका पूरा नाम राकेश राठौर गुरु पड़ गया।

राकेश मंत्री बने तो पुराने साथियों की छलक आई आंसू

राकेश मंत्री बने तो पुराने साथियों की छलक आई आंसू

पुराने साथी के मंत्री बनने की खबर आई तो बाइक मिस्त्री निसार की आंखों से आंसू छलक उठे। उन्होनें बताया कि करीब 10 साल पहले वह और गुरु एक साथ ही काम करते थे। दोनों की दुकानें अलग थी। लेकिन एक साथ ही उठना बैठना था। राकेश राठौर ने उस काम को छोड़ दिया। लेकिन रोटी गोदाम के निवासी निसार अभी भी बाइक रिपेयरिंग का काम करते हैं। शुक्रवार जैसे ही यह खबर सुनी तो वह खुश हो गए।

भाई अभी भी करते हैं स्कूटर की रिपेयरिंग

भाई अभी भी करते हैं स्कूटर की रिपेयरिंग

राकेश राठौर ने कुछ समय पहले स्कूटर रिपेयरिंग का काम छोड़ दिया था। लेकिन उनके छोटे भाई अतुल राठौर आज भी स्कूटर बनाने का काम करते हैं। उनकी दुकान बट्सगंज मोहल्ले में स्थित है। रोज वह स्कूटर की रिपेयरिंग कर अपनी आजीविका चलाते हैं। चुनाव के समय भी उनकी दुकान खुली रही। भाई के मंत्री बनने पर उन्होनें भी खुशी जाहिर की है।

Recommended Video

    UP Election 2022: Akhilesh Yadav की गाड़ी के सामने आया सांड, Yogi Government पर तंज | वनइंडिया हिंदी

    More From
    Prev
    Next
    Notifications
    Settings
    Clear Notifications
    Notifications
    Use the toggle to switch on notifications
    • Block for 8 hours
    • Block for 12 hours
    • Block for 24 hours
    • Don't block
    Gender
    Select your Gender
    • Male
    • Female
    • Others
    Age
    Select your Age Range
    • Under 18
    • 18 to 25
    • 26 to 35
    • 36 to 45
    • 45 to 55
    • 55+