Siddharthnagar: घड़ियाल देख दहशत में आए ग्रामीण,फिर हुआ कुछ ऐसा
सिद्धार्थनगर जिले के बिथरीया अल्लापुर नहर फाटक के पास बुधवार सुबह कुछ मछुआरों के मछली पकड़ने के दौरान एक विशाल घड़ियाल उनके जाल में फंस गया।उसे देख मछुआरे भयभीत हो गए।किसी तरह उन्होंने उसे बाहर निकाला और वन विभाग के अधिक
सिद्धार्थनगर,31अगस्त: सिद्धार्थनगर जिले के बिथरीया अल्लापुर नहर फाटक के पास बुधवार सुबह कुछ मछुआरों के मछली पकड़ने के दौरान एक विशाल घड़ियाल उनके जाल में फंस गया।उसे देख मछुआरे भयभीत हो गए।किसी तरह उन्होंने उसे बाहर निकाला और वन विभाग के अधिकारियों सूचित किया।मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने घडियाल को राप्ती नदी में छोड़ दिया।इस देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ी।

जानकारी के मुताबिक,मछुआरे मछली मारने के लिए बिथरीया अल्लापुर नहर फाटक गए थे।नहर में वह मछली मार रहे थे।इसी दौरान उनकी जाल में एक घड़ियाल फंस गया। घड़ियाल को देखने के लिए मौके पर भारी संख्या में लोग एकत्रित हो गए। वहीं ग्रामीणों में घड़ियाल को लेकर दहशत का माहौल है।
बलरामपुर जिले से सिद्धार्थनगर जिले में आई सरयू नहर खंड 4 बलरामपुर में 17 अगस्त को एक मगरमच्छ को देखा गया था। जिसके बाद से लोगों में खौफ समाया था। नहर विभाग के अधिकारियों ने लोगों से अपील करते हुए कहा था कि नहर में अपने जानवरों को पानी पिलाने के लिए न जाने दें। साथ ही ध्यान रखें कि जानवर पानी के अंदर नहाने के लिए न उतरें। लोग इसको लेकर सतर्क भी थे।
घड़ियाल
घड़ियाल भारत में मुख्यता दो नदियों में ही मिलते हैं गिरवा व चम्बल नदी में। ये नदियां उत्तर प्रदेश , मध्य प्रदेश के बॉर्डर से हो कर बहती हैं । चम्बल नदी राजस्थान की प्रमुख नदी है।ये मगरमच्छ से अलग होते हैं इनका मुँह आगे से पतला होता है। ये सरीसृप वर्ग में आता है ।घड़ियाल सिर्फ मछली खाता है और हो सके आदमियों और जानवरों पर हमला नहीं करता। कभी कभी अपनी रक्षा के लिए दुम का वार करता है जो घातक भी हो सकता है।घड़ियाल दीर्घजीवी प्राणी है, जो समय पाकर 20-25 फुट तक का हो जाता है। इसकी त्वचा बहुत कड़ी और मजबूत होती है। घड़ियालों का जनन अंडों द्वारा होता है।












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