खाट पर आराम फरमाते मदरसे के प्रिंसिपल साहब, पैरों की मालिश करती महिला रसोईया, वीडियो हुआ वायरल
Viral Video: एक मदरसे में चारपाई पर लेट कर प्रधानाचार्य महिला रसोईया से मालिश करा रहे थे। उनके इस कृत्य का वीडियो वायरल हो गया। इसके बाद से ही मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।

सिद्धार्थनगर के बासी क्षेत्र में मदरसे से एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें मदरसे के प्रधानाचार्य मदरसे की महिला से पैरों में मालिश कराते हुए नजर आ रहे हैं। जो पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ हैं। वही जो महिला मालिश करती हुई नजर आ रही है वह उसी विद्यालय में रसोईया के पद पर तैनात है। अब ऐसे में बड़ा सवाल उठता है कि रसोईया का काम खाना बनाना है या प्रधानाचार्य साहब की मालिश करना।

क्या हैं पूरा मामला
जिले के बासी क्षेत्र में एक मदरसे में चारपाई पर लेट कर प्रधानाचार्य महिला रसोईया से मालिश करा रहे थे। उनके इस कृत्य का वीडियो वायरल हो गया। इसके बाद से ही मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। सोशल मीडिया में वायरल हो रहे 2 मिनट 53 सेकंड के इस वीडियो में एक व्यक्ति बिस्तर पर लेटा हुआ है। एक महिला उसके दोनों पैर में तेल मालिश करते हुए दिख रही है।
आपको बता दें कि इस अनुदानित मदरसे में आईआईटी व सिलाई कढ़ाई का प्रशिक्षण दिया जाता है। इसमें छात्रावास भी है। जिसके चलते प्राथमिक विद्यालय की तरह मदरसा में भोजन बनाने के लिए एक महिला रसोईया भी नियुक्त की गई है। लेकिन खाना बनाने की जगह यह महिला रसोइया प्रधानाचार्य की मालिश करती हुई दिख रही है।

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वीडियो वायरल होने के बाद लोग कर रहे घोर निंदा
कस्बे वासियों का कहना है कि रसोईया का काम बच्चों को भोजन बनाना है। उनसे इस तरह का कार्य लेना अपराध की श्रेणी में आता है। वीडियो वायरल होने के बाद क्षेत्र के लोग प्रधानाचार्य की निंदा कर रहे हैं। साथ ही लोगों ने जिला अल्पसंख्यक अधिकारी को वीडियो भेज कर कार्रवाई की मांग की है। जिले में इस तरह का पहला मामला सामने आया है, इसी कारण अधिक चर्चा हो रही है।
मामले पर प्रधानाचार्य का क्या कुछ कहना है
प्रधानाचार्य ने अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में मौखिक रूप से सफाई दी है। उन्होंने कहा है कि यह वीडियो पुराना है। कोरोना काल के लॉक डाउन के दौरान उन्हें चोट लगी थी, इसी कारण वह मदरसे में सो गए थे और महिला मालिश कर रही थी। हालांकि वायरल वीडियो में चोट नजर नहीं आ रही है। अब प्रधानाचार्य की बातों में कितनी सचाई है ये तो जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी का क्या कहना है
वही पूरे मामले पर जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी तन्मय पांडे का कहना है कि वीडियो वायरल होने के मामले में जानकारी है और इस तरीके का कार्य कराना बिल्कुल गलत है। यह अपराध की श्रेणी में आता है। संबंधित प्रधानाचार्य से स्पष्टीकरण मांगा गया है। स्पष्टीकरण मिलने के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।












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