हिमाचल में फिर भूस्खलन: राजधानी शिमला के पास पहाड़ ढहने से बंद हुआ NH-5 का रूट
शिमला। पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश में फिर भूस्खलन हो गया। इस भूस्खलन से राजधानी शिमला जिले में ठियोग के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-5 अवरुद्ध हो गया। जिला प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि, मौके पर टीमें भेजी गई हैं। अब वहां बहाली का काम चल रहा है। उधर, न्यूज एजेंसी ने भूस्खलन के बाद की तस्वीर जारी की है। आप यहां देख सकते हैं कि कैसे राष्ट्रीय राजमार्ग-5 अवरुद्ध हो गया।

राष्ट्रीय राजमार्ग-5 हिमाचल का प्रमुख ट्रांसपोर्ट रूट है और सालभर में यहां दर्जनों बार भूस्खलन होता है। यह रूट काफी लंबा है और पर्वतीय इलाकों से गुजरता है। इस पूरे रूट पर बहुत से पहाड़ हैं। बारिश के दिनों यहां खासा नुकसान होता है। सितंबर में जब हिमाचल प्रदेश में लगातार बारिश हो रही थी तो राजधानी शिमला में कई दफा पहाड़ ढहे। इसी तरह मेहली-शोघी बाईपास रोड पर भूस्खलन हुआ। भूस्खलन के कारण रोड को वाहनों की आवाजाही के लिए बंद करना पड़ता है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से सितंबर में बताया गया कि, भारी बारिश के कारण 22 लिंक सड़कें और 3 राष्ट्रीय राजमार्ग अवरुद्ध हो गए थे। आंकड़ों के अनुसार, राज्य में भूस्खलन की अब तक एक दर्जन से ज्यादा घटनाएं हो चुकी हैं।

हिमाचल में अगस्त के महीने में भी कई जिलों में पहाड़ दरके। यहां किन्नौर जिले में रिकांगपियो-शिमला राजमार्ग पर चट्टान टूटकर गिरी थीं, जिससे कई वाहन दब गए। हादसे में 14 लोगों की मौत हुई थी और 13 को घायल अवस्था में रेस्क्यू किया गया था। उसी प्रकार किन्नौर जिले के एक अन्य हादसे में 4 वाहन मलबे में दब गए। बचाव कार्य में सेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीमों को लगाया गया। आईटीबीपी के प्रवक्ता विवेक पांडेय ने बताया कि, ऊपर से पत्थर गिरने से बचाव कार्य बाधित हुआ था। उन्होंने कहा कि, यह इलाका ऐसा ही है जहां भूस्खलन की संभावना ज्यादा रहती है। जिसके चलते राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हो जाते हैं।












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