ह​रियाणा में हत्थे चढ़े 3 जासूस, सैन्य-छावनी के वीडियो बनाकर भेज रहे थे पाकिस्तान, तीनों यूपी के

शामली/हिसार। हरियाणा राज्य के हिसार में सैन्य छावनी का वीडियो बना रहे तीन लोग गिरफ्तार हुए हैं। पूछताछ में उन्होंने कुबूला है कि वे यूपी के ही रहने वाले हैं। तीनों की पहचान खालिद, (शामली), महताब और रागिब (मुज़फ्फरनगर) के तौर पर हुई। सैन्य अधिकारियों ने बताया कि तीनों जने हिसार में काम करने के बहाने जासूसी करने आए थे। वे पाकिस्तान की सेना से संपर्क में थे।

वेल्डिंग का करता था, फिर पाक सेना से संपर्क में आया

वेल्डिंग का करता था, फिर पाक सेना से संपर्क में आया

संवाददाता ने जब मुज़फ्फरनगर के गाँव शेरपुर में आरोपियों के परिजनों से बात की तो उन्होंने कहा कि खालिद पिछले काफी समय से मुज़फ्फरनगर में रहकर वेल्डिंग का काम करता था। ईद पर अपने घर आया था। जिसके बाद वह फिर काम पर चला गया। कुछ दिन पूर्व खालिद का फ़ोन आया था। खालिद ने बताया कि वह महताब और रागिब के साथ मिलकर हिसार में काम करने के लिए जा रहा है। आने वाली बकरा ईद पर घर लौटने की बात कही।'

पहले ही दिन से जुट गए थे जासूसी में

पहले ही दिन से जुट गए थे जासूसी में

बताया जाता है कि बाद में वह शेरपुर निवासी महताब, रागिब के साथ मिल गया। जहां उन्होंने हिसार छावनी में काम करना शुरू कर दिया। छावनी में इन दिनों निर्माण कार्य चल रहा है। तीनों ने वहीं रहते हुए चुपचाप छावनी की वीडियो बनाने शुरू कर दिए। सैन्य अधिकारियों को उन पर संदेह हुआ। जिसके बाद जाँच एजेंसियों ने गिरफ्तार कर लिया। उनके फोन से छावनी के अंदर से बनी वीडियो बरामद हुईं।

1 अगस्त को तीनों को पकड़ लिया गया

1 अगस्त को तीनों को पकड़ लिया गया

एक अधिकारी ने कहा कि पकड़े गए तीनों संदिग्ध ठेकेदार के जरिये मजदूरी करने के लिए छावनी में घुसे थे। जाँच एजेंसियों ने शक के आधार पर 1 अगस्त को तीनों को पकड़ लिया था।जिनके मोबाइल से कैंट के वीडियो क्लिप भी बरामद हुए। जांच में पता लगा कि उन्होंने जुलाई माह में अपने व्हाट्सएप्प से पाकिस्तान में फ़ोन भी किया था। पाक सेना से सम्पर्क होने का संदेह सेना को हुआ। जिसके बाद अब उन्हें पकड़ लिया गया।

वीडियो और फ़ोटो बनाकर भेजे थे

वीडियो और फ़ोटो बनाकर भेजे थे

आरोपियो में महताब की मुख्य भूमिका प्रतीत हो रही है। महताब ने भारतीय फ़ोन पर कैंट क्षेत्र की वीडियो और फ़ोटो भी बनाकर भेजे थे। वहीं, आरोपी खालिद जो शामली के गाँव मसावी का मूल निवासी है वो सेना को बरगलाता रहा।

परिजनों से कहा- बकरा ईद पर लौटूंगा

परिजनों से कहा- बकरा ईद पर लौटूंगा

खालिद के परिजनों के मुताबिक, खालिद पढा-लिखा नहीं हैं और वह वेल्डिंग का काम करता है। मां इसराना ने कहा कि वह ईद पर घर लौटने वाला था।'

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