दूल्हा-दुल्हन की Online शादी, फिर सुहागरात के पहले पंडित जी की चमकी किस्मत, कैसे, जानिए पूरा मामला
दुनिया में कब किसकी किस्मत चमक जाए, कहा नहीं जा सकता। MP के सिवनी के एक पंडित जी के साथ भी ऐसा ही हुआ। US में ऑनलाइन शादी कराने में पांच सौ, हजार नहीं लाखों रुपये की दक्षिणा मिली। कैसे चमकी किस्मत जानिए इस आर्टिकल में।

Unique Online Wedding: 'चट मंगनी पट ब्याह' दुनिया के किसी भी कोने में हो, ज्यादा दिन की फुर्सत नहीं फिर भी आप शादी के फेरे ले सकते हो। शादी का जोड़ा भी खुश और शादी कराने वाले पंडित जी को भी घर बैठे दक्षिणा मिल जाती है। मध्य प्रदेश के एक पंडित जी का ऐसा ही किस्सा है।
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मामला सिवनी जिले का है जहां रहने वाले पंडित जी राज्नेद पाण्डेय की एक दिन में ही किस्मत चमक गई। पंडित जी को अमेरिका में रह रहे कपल ने बुक किया। लड़का देवांश उपाध्याय सिवनी के रहने वाले सुनील उपाध्याय का बेटा है। वह अमेरिका में जॉब करता है।
बड़ी कंपनी में नौकरी करते हुए वहां देवांश की मुलाकात पुणे की रहने वाली सुप्रिया से हुई। दोनों की मुलाकात प्यार में बदली और नतीजा शादी तक पहुंच गया। दोनों के घरवाले भी शादी के राजी हो गए। लेकिन बड़ी मुश्किल इंडिया में आकर शादी करने की थी।
क्योकि कंपनी से इतनी छुट्टियां नहीं मिल रही थी, कि 15 दिन दोनों इंडिया में रह सकें। देवांश-सुप्रिया की भी जिद थी शादी इसी साल मई में ही और हर हाल में करना है। फिर ऑनलाइन शादी का आइडिया आया। ऐसे पंडित को ढूंढना शुरू हुआ, जो विधि-विधान और हिन्दू रीति-रिवाज से कम से कम वक्त में शादी करा दें।

देवांश के पिता सुनील को सिवनी में ही पंडित राजेश पाण्डेय मिल गए, जो वीडियो कॉल पर शादी कराने तैयार हो गए। मुहूर्त के हिसाब से जब शादी वाला दिन आया तो वर-वधु दोनों माता-पिता और रिश्तेदार अमेरिका पहुंच गए। जहां सज धजकर दूल्हा दुल्हन फेरे लेने तैयार थे।

मध्य प्रदेश सिवनी में घर में बैठे- बैठे पंडित जी वीडियो कॉल पर मंत्र पढ़ते जाए और अमेरिका में शादी का यह जोड़ा हर रस्म को निभाता जा रहा था। सात फेरों के वक्त भी मंत्रोपचार हुआ और देवांश-सुप्रिया शादी के बंधन में बंध गए। दोनों पक्ष खूब खुश है।
पंडित जी वेडिंग नाईट के पहले सभी जरुरी पूजा-पाठ का काम मिला था। जब उनकी ड्यूटी पूरी हुई तो दक्षिणा का नंबर आया। तो सुहागरात के पहले पंडित जी को 5100 डॉलर की दक्षिणा मिली। भारतीय रुपये में यह राशि 4 लाख 20 हजार रुपये होती है।

पंडित राजेन्द्र पाण्डेय भी बेहद खुश है। इस तरह ऑनलाइन शादी कराने का उनका पहला अनुभव रहा। वो बताते है कि इधर किसी शादी समारोह का पूरा काम करने के बाद इतनी दक्षिणा आज तक किसी ने नहीं दी। एक तो चार दिन तक जुटना पड़ता है और मातृका पूजन से लेकर शादी के बाद कथा तक घंटो लगते है। उसके बाद बड़ी मिन्नतों से बमुश्किल 5-१० हजार रुपये दक्षिणा नसीब होती है। शादी के ऑनलाइन मामले में तो एक दिन के कुछ घंटे में लाखों रुपये की दक्षिणा ने किस्मत खोल दी।












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