Ground Report: मैहर में हादसे को न्योता दे रहा हाई स्कूल का जर्जर भवन, डिस्मेंटल घोषित फिर भी लग रही क्लास
Maihar School building damaged: मध्य प्रदेश में शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए आधुनिक सुविधाओं से लैस सीएम राइज स्कूल खोले गए हैं। वहीं दूसरी ओर मैहर जिला का एक ऐसा हाई स्कूल है। जहां आज भी बच्चे जर्जर भवन के नीचे पढ़ने को मजबूर हैं।
बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों की जर्जर स्कूल पर नजर नहीं पढ़ रही है। वन इंडिया हिंदी ने मैहर जिले के रामनगर ब्लॉक अंतर्गत देवराज नगर की हाई स्कूल का जायजा लिया, तो देखा कि न चाहते हुए भी बच्चे जर्जर भवन में बैठकर पढ़ने को मजबूर है।

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स्कूल की छत से पानी टपक रहा है। बच्चे वहां बैठकर पढ़ाई कर रहे हैं। जिला प्रशासन ने इस विद्यालय भवन को जर्जर घोषित करते हुए डिसमेंटल के आदेश दे दिए हैं। उसके बाद भी बिल्डिंग के भीतर बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं।

दरअसल, यह हाई स्कूल कक्षा 9वीं से लेकर 12वीं तक है। करीब छात्र-छात्राओं की संख्या 370 से अधिकहै। यहां बच्चों को पढ़ाने के लिए 15 पदस्थ किए गए हैं। स्कूल के प्राचार्य सहित टीचर ने डीपीसी को लिखित में बताया कि जिस स्कूल में बच्चे पढ़ रहे हैं, वह जर्जर हो चुकी है। छात्र जिस कमरे में बैठते हैं। वह दीवार चारों तरफ सीलन आ गई है। छज्जा आए दिन गिर रहा है।

स्कूल के प्राचार्य राम लखन रावत ने वन इंडिया हिंदी को बताया कि तेज बारिश में स्कूल के हर कमरे से पानी टपकने लगता है। कमरे में सीपेज आ जाती है। इसके लिए लगातार वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी भी दी जा रही है। उनके द्वारा निरीक्षण भी किया गया है। प्राचार्य ने शासन और वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि बच्चों की हालत देखते हुए इस जर्जर भवन को गिर कर नया भवन बनाया जाए। स्कूल के प्राचार्य ने भी माना कि जर्जर बिल्डिंग में बच्चों के पढ़ने पर जान का खतरा रहता है।

शिक्षक अरुण कुमार प्रयासी ने बताया की स्कूल का जर्जर भवन होने की वजह से कक्षाओं में लगे पंखें विद्यालय के शिक्षक व बच्चे ऊपर गिर चुके हैं। स्कूल भवन में कभी भी बड़ी दुर्घटना होने की संभावना बनी रहती है। इस मामले पर रामनगर एसडीएम आरती सिंह ने वन इंडिया हिंदी से कहा कि शिक्षा विभाग से बात करके वैकल्पिक व्यवस्था कराई जाएगी। डिस्मेंटल भवन में कक्षाएं नहीं लगनी चाहिए।












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