Maihar News: विंध्य प्रदेश की मांग करने वाले नारायण त्रिपाठी की हार ने सब को चौंकाया, जानिए क्यों मिली शिकस्त
Satna News: दल बदल करने वाले नारायण त्रिपाठी इस बार अपनी अलग नई पार्टी बनकर मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2023 का चुनाव लड़ रहे थे। अलग-अलग राजनीतिक दलों से विधायक बनने वाले नारायण त्रिपाठी ने इस बार बिंदु जनता पार्टी का गठन किया और मैहर अपनी सीट से खुद चुनाव लड़े। लेकिन जनता ने त्रिपाठी को जानकारी दिया। वे चौथे स्थान पर जा पहुंचे।
मैहर विधानसभा सीट के चुनाव परिणाम की बात करें तो यहां पर भाजपा के श्रीकांत चतुर्वेदी ने 76 हजार 870 मतों के साथ विधानसभा चुनाव जीता है। वहीं दूसरे नंबर पर कांग्रेस के धर्मेश घई, जो 55476 वोटो के साथ दूसरे स्थान पर है। भाई तीसरे स्थान पर बहुजन समाज पार्टी के बृजेंद्र प्रसाद कुशवाहा रहे, जिन्हें 30732 वोट मिले। जबकि मौजूदा मैहर विधायक नारायण त्रिपाठी को सिर्फ 22,692 वोट मिले।

नारायण त्रिपाठी को जनता ने क्यों नकारा
बता दे मैहर विधानसभा सतना जिले के अंतर्गत आता है। मैहर मां शारदा देवी के लिए प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे देश में जाना जाता है। यहां पर दूर-दूर से लोग मा शारदा देवी के दर्शन करने आते हैं। इस क्षेत्र से तीन बार के विधायक नारायण त्रिपाठी की हार को लेकर चर्चाएं जोरो पर है। मैहर मतदाताओं की माने तो नारायण त्रिपाठी की हर की वजह क्षेत्र में विकास नहीं होना है। मैहर में पार्किंग से लेकर सड़क, पानी, बिजली, अनेक समस्याएं स्थापित है।
मैहर में जाति समीकरण के बीच भाजपा की बड़ी जीत
2018 के बाद 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा यहां से प्रचंड बहुमत के साथ जीती है उसकी वजह यह है कि चुनाव के पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मैहर को जिला बनाने की घोषणा की और उसे पर काम भी शुरू हुआ। इसके बाद विधायक नारायण त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और पूर्व सीएम कमलनाथ को धन्यवाद भी दिया। लेकिन त्रिपाठी बीजेपी में रहकर भी भाजपा पर ही सवाल खड़े कर रहे थे। यही वजह है कि भाजपा ने उनका टिकट काट दिया । इसके बाद त्रिपाठी के कांग्रेस में जाने की संभावना थी लेकिन अजय सिंह के विरोध के चलते उन्हें टिकट नहीं मिल सका इसके बाद नारायण त्रिपाठी ने अपनी पार्टी बनाकर चुनाव लड़ा लेकिन उन्हें करारी हार का सामना करना पड़ा।
मैहर में विकास को लेकर नारायण त्रिपाठी ने दिया था बड़ा बयान
विकास के मुद्दे पर नारायण त्रिपाठी ने कहा था कि प्रदेश में सरकार मैहर सहित पूरे विंध्य के साथ भेदभाव करती है। रीवा की सौर ऊर्जा से बनी बिजली का उपयोग कहीं और किया जा रहा है। वहीं पन्ना से हीरा निकलने वाले मजदूरों की हालत खराब है। इसलिए मैं अलग विंध्य प्रदेश की मांग कर रहे हैं। यहां की खनिज संपदा और पर्यटन विंध्य को बेरोजगारी से मुक्ति दिलाने के लिए पर्याप्त है।
बता दे नारायण त्रिपाठी कांग्रेस बीजेपी और समाजवादी पार्टी से चुनाव लड़कर विधायक रह चुके हैं त्रिपाठी ने इस बार बिंदी जनता पार्टी बनाई थी। जिसने 20 से ज्यादा विधानसभा क्षेत्र में अपने प्रत्याशी भी उतरे लेकिन एक भी प्रत्याशी को सफलता प्राप्त नहीं हुई।












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