Ladli Bahana Yojana: सतना में कठपुतली शो और गीतों के माध्यम से बहनों को किया जा रहा जागरूक
Ladli Bahana Yojana: सतना जिले के गांवों में कठपुतली शो और गीतों के माध्यम से लाडली बहना योजना के बारे में जागरूक किया जा रहा है। ताकि महिलाएं परेशान न हों और प्रमाण पत्र बनवाने के लिए किसी के बहकावे में न आएं।

Ladli Bahana Yojana: मध्यप्रदेश में सशक्त नारी, सशक्त प्रदेश थीम के साथ आरंभ हुई लाडली बहना योजना के लिए महिलाओं में खासा उत्साह है। अलग-अलग प्रमाण पत्र बनवाने के लिए इन दिनों महिलाएं आतुर नजर आ रही हैं। ऐसे में कुछ समाजसेवी उन्हें जागरुक करते हुए भी दिखाई दे रहे हैं। वही सतना जिले में कठपुतली के माध्यम से महिलाओं को लाडली बहना योजना के तहत जानकारी दी जा रही है, और किस तरह से लाभ लेना है। आवेदन कैसे भरना है। इन तमाम कामों की जानकारी सदियों पुराने मनोरंजन के साधन कठपुतली के माध्यम से दी जा रही है।
कठपुतली ने दिखाई राह: सतना जिले के गांवों में शासन की ओर से कठपुतली शो और गीतों के माध्यम से लाडली बहना योजना के प्रति जागरूक किया जा रहा है। ताकि महिलाएं परेशान ना हो और प्रमाण पत्र बनवाने के लिए किसी के बहकावे में ना आए। जिसमें बहनों का सिर्फ समग्र आईडी एवं उनके बैंक खाते से लिंक आधार कार्ड की जरूरत होती है। इस फार्म को भरने में मूल निवासी और आय प्रमाणपत्र की जरूरत नहीं होती। इसलिए उन्हें बनवाने के लिए लोक सेवा केंद्र पर भीड़ लगाकर परेशान ना हो।

परेशान ना हो बहनें: कुछ स्थानों से आय प्रमाण पत्र के संबंध में सीएम हेल्पलाइन पर बात रखी जा रही है। इससे वास्तविक समस्याओं के निराकरण में अनावश्यक दबाव पड़ रहा है। अतः बहकावे में ना आएं बहनें प्रशासन की टीम शीघ्र ही आपसे संपर्क कर समग्र आईडी तथा आधार संबंधी कमियों को पूरा करने आपको मार्गदर्शन देगी।
क्या है कठपुतली का खेल: भारत में लगभग सभी प्रकार की कठपुतलियां हैं पाई जाती हैं। सदियों से कठपुतली कला का परंपरिक मनोरंजन में महत्वपूर्ण स्थान रखा है। पारंपरिक रंगमंच की तरह कठपुतली थिएटर के विषय महाकाव्य और किंवदंतियो पर आधारित होते हैं। देश के अलग-अलग हिस्सों की कठपुतलियों की अपनी अलग अलग पहचान है। जिनमें चित्रकला और मूर्तिकला की क्षेत्रीय शैलियां परिलक्षित होती है। भावनात्मक और शारीरिक रूप से विकलांग छात्रों को उनके मानसिक और शारीरिक संकायों को विकसित करने के लिए प्रेरित करने के लिए कठपुतली का सफलतापूर्वक उपयोग किया गया है। प्राकृतिक और संस्कृतिक पर्यावरण के संरक्षण के बारे में जागरूकता कार्यक्रम भी उपयोगी साबित हुए हैं। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य छात्रों को शब्द, ध्वनि, रूप, रंग और गति में सुंदरता के प्रति संवेदनशील बनाना है। कठपुतली बनाने और उन के माध्यम से संवाद करने से प्राप्त सौंदर्य संतुष्टि बच्चे के व्यक्तित्व के सर्वजन विकास में मदद करती है।
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