Bhadohi: फिंगरप्रिंट क्लोन कर पैसे निकालता रहा सीएससी संचालक, पुलिस के पास पहुंचा ग्राहक तो खुला राज
भदोही जिले में एक सीएससी संचालक द्वारा ग्राहक का फिंगरप्रिंट क्लोन कर उसके खाते से रुपए निकाल लिए गए। इस मामले में सीएसपी संचालक समेत तीन लोगों को को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

Bhadohi जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। भदोही जिले के चौरी थाना अंतर्गत ग्राहक सेवा केंद्र संचालक एक ग्राहक का फिंगरप्रिंट क्लोन कर उसके खाते से कई किश्तों में 90000 रुपए निकाल लिया। काफी परेशान होने और बैंक का चक्कर लगाने के बाद भी ग्राहक के खाते से रुपए करते रहे तो वह पुलिस के पास पहुंच गया। ग्राहक की शिकायत के बाद पुलिस जब इस मामले में जांच पड़ताल शुरू की तो पूरे मामले का खुलासा हुआ। क्लोनिंग कर बनाया गया फिंगरप्रिंट और उसे बनाने के उपकरण सहित कई अन्य सामग्री के साथ सीएससी संचालक और उसके सहयोगियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
नगद रुपए और कई अन्य उपकरण भी बरामद
शुक्रवार को पकड़े गए आरोपितों को मीडिया के सामने पेश करते हुए भदोही पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार द्वारा बताया गया कि चौरी थाना क्षेत्र के सुरहन गांव के रहने वाले गोविंद लाल मौर्य पुत्र कुंदन मौर्य द्वारा चौरी थाने में शिकायत की गई थी कि उनके खाते से किसी ने फर्जी तरीके से 90000 रुपए निकाल लिया है। इस मामले में गोविंद लाल मौर्या की तहरीर पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर चौरी और औराई थाने की पुलिस तथा साइबर सेल द्वारा जांच पड़ताल शुरू किया गया। पुलिस टीम के अथक प्रयास के बाद फिंगरप्रिंट क्लोन व फर्जी दस्तावेज तैयार कर रुपयों की ठगी करने वाले गिरोह के तीन लोगों को पुलिस टीम ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उनके पास से क्लोन कर बनाए गए फिंगरप्रिंट और 38800 रुपए नगद व फिंगरप्रिंट स्कैनर डिवाइस, दो लैपटॉप, एक मॉनिटर, स्कैनर मशीन, मोहर बनाने वाली मशीन, बटर पेपर आदि बरामद किया।
पूछताछ में चौंकाने वाली बात आई सामने
जारी सूचना में बताया गया कि पकड़े गए अभियुक्तों से पूछताछ किया गया तो सरवरपुर निवासी पवन चौहान ने बताया कि वह ग्राहक सेवा केंद्र चलाता है। ग्राहक सेवा केंद्र पर पैसे निकालने और केवाईसी अपडेट कराने के लिए आने वाले ग्राहकों की फिंगर प्रिंट और आधार विवरणों को लेने के बाद वह जौनपुर के रहने वाले गिरोह के दो अन्य सदस्यों हृदेश कुमार कसेरा और अखिलेश मौर्य को दे देता था। उक्त दोनों लोगों की जौनपुर में मोहर बनाने की दुकान है। उसी दुकान पर इनके द्वारा फिंगरप्रिंट का क्लोन तैयार किया जाता था। क्लोन तैयार करने के बाद पवन ग्राहक सेवा केंद्र के माध्यम से ग्राहक के खाते से आसानी से पैसे निकाल देता था। पैसे निकालने के बाद तीनों लोग उसे आपस में बांट लेते थे। पकड़े गए तीनों अभियुक्तों के खिलाफ पुलिस द्वारा शुक्रवार को आवश्यक कार्रवाई की गई।
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