Damoh News: केंद्रीय मंत्री ने सुरक्षा लेने से किया था इंकार, पीछे-पीछे घूम रही दमोह पुलिस!
केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल अपने संसदीय क्षेत्र की पुलिस से नाराज हैं। मंत्री ने एक मामले में नाराजगी जताते हुए दमोह पुलिस की सुरक्षा वापस कर दी थी। बंगले में पुलिस की एंट्री नहीं है, इसलिए बंगले के बाहर खड़े होकर पुलिस मंत्री को सुरक्षा प्रदान कर रही है। इधर मंत्री के दौरे के दौरान उनके वाहन को पीछे-पीछे पायलट और फॉलो वाहन उनकी सुरक्षा के लिए जा रहे हैं।

मध्य प्रदेश के दमोह में बीते दिनों आत्महत्या के एक मामले में केंद्रीय राज्य मंत्री प्रहलाद पटेल के सांसद प्रतिनिधि पर दमोह थाना पुलिस ने सुसाइड नोट के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली थी। मामले में मंत्री पटेल पहले ही अधिकारियों को पूरा मामला संदिग्ध बताते हुए सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग एक्सपर्ट से जांच की बात कह चुके थे, बावजूद इसके संबंधित थाना पुलिस ने सांसद प्रतिनिधि सहित दो अन्य भाजपा कार्यकर्ताओं पर मामला दर्ज कर दिया था। जिसके बाद मंत्री पटेल ने पुलिस अधीक्षक और थाना पुलिस के रवैए से नाराजगी जताते हुए कहा था कि जब तक मामले में निष्पक्ष जांच होकर नतीजा सामने नहीं आता, वे दमोह पुलिस की सुरक्षा नहीं लेंगे। किसी भी पुलिसकर्मी को साथ में नहीं रखेंगे।
बंगले में तैनात पुलिसकर्मियों को भी वापस भेज दिया था
केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल के गुस्से का आलम यह था कि अपने फॉलो, पायलट वाहन को भी उन्होंने वापस भेजा ही, साथ ही बंगले पर तैनात पुलिस के सुरक्षाकर्मियों को भी वापस भेज दिया था। कुल मिलाकर मंत्री के बंगले में पुलिस की एंट्री बंद कर दी गई थी। मंत्री अपनी बात पर कायम रहे और अधिकारियों से बोल दिया कि मुझे आपसी सुरक्षा नहीं चाहिए।
पुलिस बंगले के बाहर खड़ी रहकर दे रही सुरक्षा, कार को फॉलो कर रहे
भले ही मंत्री नाराज हों, सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों को वापस लौटा दिया हो, बावजूद इसके दमोह पुलिस की तरफ से उनकी सुरक्षा में जितने भी पुलिसकर्मी व अधिकारी तैनात हैं, वे अपनी ड्यूटी 24 घंटे कर रहे हैं। बंगले पर तैनात पुलिसकर्मी बंगले के बाहर रहकर सुरक्षा दे रहें हैं तो फॉलो वाहन और पायलट वाहन उनके बंगले के ठीक सामने खड़े रहते हैं। जैसे ही मंत्री का वाहन संसदीय क्षेत्र में कहीं भी जाने के लिए बाहर निकलता है, दोनों वाहन उनके वाहन के पीछे-पीछे फॉलो करते हुए चलते हैं, हालांकि मंत्री से सीधे बात करने की इनकी हिम्मत नहीं होती, इसलिए मंत्री से निश्चित दूरी बनाकर व सिविल ड्रेस में पुलिस उनके आसपास जरूर मौजूद होते हैं।
मंत्री की नाराजगी के बाद गृहमंत्री ने सीआईडी को सौंप दिया था मामला
केंद्रीय मंत्री की नाराजगी के बाद दमोह के मामले में प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने तत्काल इस मामले की जांच सीआईडी को सौंप दी थी। उसी दिन आदेश भी जारी होकर स्थानीय थाना पुलिस से मामला भोपाल सीआईडी मुख्यालय को ट्रांसफर कर दिया गया था। बावजूद इसके स्थानीय पुलिस से केंद्रीय मंत्री की नाराजगी समाप्त नहीं हुई है और वे अभी भी प्रत्यक्ष रूप से पुलिस सुरक्षा नहीं लिए हैं।












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