MP: धान खरीदी घोटाला, केसली में धान खरीदी, जांच में निकला भूसा, 38 हजार बोरी जब्त
धान खरीदी घोटाले की जांच करने एसडीएम व तहसीलदार केसली कृषि उपज मंडी समर्थन मूल्य खरीदी केंद्र पहुंचे तो संचालक से लेकर आपरेटर तक केंद्र को मजदूरों के भरोसे छोड़कर गायब हो गए। यहां से 19 हजार क्विंटल भूसा मिली धान जब्त की

जिले के केसली में धान खरीदी घोटाला सामने आया है। समर्थन मूल्य केंद्र पर बड़ी अनियमितता सामने आई है। यहां दिगंबर स्व-सहायता समूह केंद्र संचालक द्वारा धान के नाम पर शासन को भूसा थमाया जा रहा था। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन को होश आया और यहां जांच की गई। फिलहाल केसली कृषि उपज मंडी में कथित किसानों के नाम पर खरीद कर रखी गई 38 हजार बोरियां सीज कर दी गईं।

उल्लेखनीय है कि किसानों को उपज का सही मूल्य दिलाने शासन की समर्थन मूल्य योजना का लाभ मूल रूप से किसानों को न मिलकर बिचौलिये उठाते हैं। यही स्थिति केसली के धान समर्थन मूल्य खरीदी केंद्र पर नजर आ रही है। बताया जा रहा है कि उक्त केंद्र प्रशासन द्वारा दिगंबर स्व सहायता समूह को स्वीकृत किया था। हालत यह है कि समूह द्वारा किसानों के नाम पर क्रय की गई जो धान कृषि उपज मंडी में रखी गई उसमें धान तो नहीं, लेकिन अधिकांश में भूसा निकलने की शिकायत है। मामले ने तब तूल पकड़ा जब इससे संबंधित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ।

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अधिकारियों के पहुंचने से पहले संचालक, स्टाफ गायब
बताया जाता है कि समूह द्वारा खरीद की गई धान में से अधिकांश बोरियों में एफसीआई के निर्धारित एफएक्यू की क्वालिटी नहीं पाई गई है। वहीं अधिकांश बोरियों में तो धान की जगह बदरा और भूसे की मात्रा ज्यादा नजर आने की शिकायत भी की गई है। दोपहर बाद जब प्रशासनिक अमला इस बड़ी अनियमितता की जांच के लिए केसली कृषि उपज मंडी में मौके पर पहुंचा तो वहां संबंधित दिगंबर स्व सहायता समूह के कर्ताधर्ता नदारत मिले। मौके पर महज मजदूर थे, जिनकी मदद से प्रशासनिक अमले ने धान खरीद की गई उपज की जांच की, मामले में देवरी एसडीएम सीएल वर्मा एवं केसली तहसीलदार द्वारा कृषि उपज मंडी पहुंचकर मौके पर जांच की गई तो शिकायत बहुत हद तक सही भी सामने आई। मामले में एसडीएम देवरी सीएल वर्मा का कहना है कि मौके पर पहुंचकर जांच की गई तो वहाँ 38 हजार बोरी थीं, जिनमें से अधिकांश में एफएक्यू से बहुत कम धान पाया गया है।
38 हजार बोरी धान जब्त बाकी खुला स्टॉक सीज
श्री वर्मा का कहना है कि मामले में मंडी में मिली 38 हजार बोरी धान को जब्त कर ली गई हैं। वहीं खुले में पड़े अमानक धान को भी सीज किया गया है। एफसीआई के अधिकारियों को एफएक्यू की जांच के लिए निर्देशित किया है। उनकी रिपोर्ट आने के बाद संबंधितों पर कार्रवाई की जाएगी।
विधायक का आरोप अधिकांश केंद्रों पर इस तरह ही धांधलियां
क्षेत्रीय विधायक पूर्व मंत्री हर्ष यादव ने इसे लेकर भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं, उनका कहना है कि न सिर्फ केसली बल्कि जिले के अधिकांश समर्थन मूल्य केंद्रों पर इसी तरह की धांधली लगातार चल रही है। विधायक को आरोप है कि किसानों के हित की इन योजनाओं में स्व सहायता समूह व अन्य माध्यमों से भाजपा नेताओं को उपकृत किया जाता है जो ऐसे भ्रष्टाचार को अंजाम देते हैं। उन्होने कहा कि कमलनाथ सरकार ने शुद्ध का युद्ध योजना के तहत ऐसे लोगों पर रासुका की कार्रवाई शुरू की थी, जो इन पर भी लगना चाहिए।












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