प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पहले 53 हजार गांव की मिट्टी, 350 नदियों का जल सागर पहुंचेगा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 अगस्त को सागर आगमन से पहले प्रदेशभर की समरसता यात्राएं 53 हजार गांवों से मिट्टी और 350 नदियों का जल लेकर सागर पहुंचेगी। पीएम मोदी संत रविदास लोक, भव्य मंदिर निर्माण, म्यूजियम, आर्ट गैलरी का भूमिपूजन करेंगे। सागर जिले के प्रभारी मंत्री अरविंद भदौरिया ने सोमवार को सागर में ढाना हवाई पट्टी पर पहुंचकर सभा स्थल पर तैयारियों का जायजा लिया।

सहकारिता एवं लोक सेवा प्रबंधन तथा जिले के प्रभारी मंत्री अरविंद सिंह भदौरिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा आगामी 12 अगस्त को संत शिरोमणि रविदास जी के मंदिर निर्माण स्थल के भूमि पूजन कार्यक्रम की तैयारियों का निरीक्षण किया। डॉ. भदौरिया ने ढाना हवाई पट्टी के समीप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित सभा स्थल का भी अवलोकन किया तथा तैयारियों के संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिए।
सहकारिता एवं लोक सेवा प्रबंधन तथा सागर जिले के प्रभारी मंत्री डा. अरविंद सिंह भदौरिया ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की बैठक में आगामी 12 अगस्त को होने वाले प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सागर आगमन और कार्यक्रमों की तैयारियों की समीक्षा की। प्रधानमंत्री मोदी 12 अगस्त को बड़तूमा में संत शिरोमणि रविदास महाराज के लगभग 100 करोड़ लागत से बनने वाले मंदिर एवं कला संग्रहालय के निर्माण का भूमि पूजन करेंगे। भूमिपूजन के बाद वे ढाना हैलीपेड के समीप जनसभा को संबोधित करेंगे। प्रभारी मंत्री ने कहा कि सागर के बड़तूमा में संत शिरोमणि रविदास महाराज का मंदिर सिर्फ भव्य ही नहीं बल्कि अध्यात्म और आम जन की भावनाओं का केन्द्र भी बनेगा। मंदिर निर्माण में प्रदेश के 53 हजार गांवों की मिटटी और 350 नदियों का जल शामिल रहेगा, जो समरसता यात्रा के माध्यम से पहुंचेगा।
सर्वस्पर्शी समरसता यात्रा का गर्मजोशी से स्वागत करें
डॉ. अरविंद सिंह भदौरिया ने कहा कि सभी वर्ग मिलजुलकर संत शिरोमणि रविदास महाराज के मंदिर निर्माण के लिए सागर जिले में निकलने तथा 12 अगस्त को सभा स्थल पर पहुंचने वाली सार्वभौमिक एवं सर्वस्पर्शी समरसता यात्रा का गर्मजोशी से स्वागत करें। आयोजन के लिए सभी जनप्रतिनिधि और संबंधित विभाग अभी से प्रचार-प्रसार करें। विशेषकर सोशल मीडिया के जरिये आमजन तक आयोजन की जानकारी पहुंचाई जाए। जन अभियान परिषद भी अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं। जनप्रतिनिधि भी अपने-अपने क्षेत्र में अधिकाधिक लोगों को आयोजन की जानकारी देकर उनकी सहभागिता सुनिश्चित करायें। संत शिरोमणि रविदास के व्यक्तित्व और कृतित्व के अनुरूप जिले ही नहीं बुन्देलखंड में भावनात्मक माहौल बने।












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