Sagar नगर निगम नहीं मान रहा सरकार के निर्देश, धड़ल्ले से जारी बाजार बैठकी की वसूली
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बीते 29 मई को मप्र में बाजार बैठकी और तहबाजारी की रोजाना वसूली बंद करने की घोषणा की थी। इसके बाद 15 जून को नगरीय विकास एवं आवास मंत्री भूपेंद्र सिंह ने लिखित में सभी नगर निगमों व नगर पालिकाओं को वसूली बंद कराने के निर्देश दिए थे। बावजूद इसके उनके ही गृहनगर सागर नगर निगम के मुख्य बाजारों और गली-गली में वसूली चल रही है। नगर निगम ठेकेदार को आदेश नहीं दे रहा, जिस कारण वसूली बंद नहीं हो रही।

सागर नगर निगम अपना खजाना भरने के लिए सीएम ओर विभागीय मंत्री के निर्देश नहीं मान रहा। नगरीय प्रशासन मंत्रालय से लिखित में बाजार बैठकी की वसूली बंद करने के निर्देश आने के बावजूद ठेकेदार से वसूली कराई जा रही है। वह भी ऐसे दौर में जब प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री का गृहनगर और जिला सागर ही है। बाजार बैठकी ठेकेदार का तर्क है कि नगर निगम एडवांस जमा करा चुका है। बाजार बैठकी बंद करने के लिए उसे लिखित में निगम प्रशासन की तरफ से कोई आदेश या पत्र नहीं मिला है।
जब तक आदेश नहीं मिलेगा, बाजार बैठकी करेंगे
नगर निगम में टेंडर के माध्यम से बाजार बैठकी का ठेका लेने वाले ठेकेदार सुनील कुमार चौकसे का कहना है कि उसने साल भर के लिए 57 लाख 1 हजार 111 रुपए में ठेका लिया था। इसकी अवधि अभी 4 माह 28 दिन बाकी है। शासन से निर्देश आने की जानकारी है, लेकिन निगम की तरफ से उसे किसी भी तरह का आदेश या पत्र नहीं मिला है। ठेकेदार सुनील का कहना है कि निगम उससे एडवांस ले चुका है। उसका मीटर तो चल रहा है, निगम को रियायत देने से रहा, इसलिए जब तक लिखित में आदेश नहीं मिलेगा शहर में बाजार बैठकी की वसूली चालू रहेगी।
परिषद के सम्मेलन में रखेंगे शासन का पत्र
निगम प्रशासन का तर्क है कि शासन से निर्देश तो आए हैं। इस विषय को निगम की सामान्य परिषद की बैठक में रखा जाएगा। बाजार बैठकी से संबंधित व ठेके व निगम को प्राप्त होने वाली आय की विस्तृत जानकारी रखी जाएगी। इस जानकारी को एकजाई कर परिषद से अनुमोदन कराकर शासन को भेजा जाएगा। भविष्य में स्ट्रीट वेंडर व अन्य फुटपाथी दुकानदार, हाथ-ठेले वालों से किस तरह एकमुश्त पंजीयन शुल्क लेना है या आगे क्या प्रक्रिया अपनानी है, इसको लेकर निर्णय किया जाएगा।












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