बुंदेलखंड में डेंगू की दस्तक, दमोह के पाली गांव में डायरिया फैला, 60 से अधिक बीमार, प्रशासन ने कराया इलाज
बुंदेलखंड के जिलों में डेंगू और डायरिया की दस्तक हो रही है। छतरपुर जिले के बाद अब दमोह जिले से डेंगू के पॉजिटिव केस सामने आ रहे हैं। इधर दमोह के पाली गांव में डायरिया फैल गया है। दूषित पानी पीने से 70 लोग बीमार बताए जा रहे हैं। मामले में एक बच्ची की मौत की सूचना है। इधर सूचना के बाद प्रशासन ने पाली गांव में कैंप कर प्रभावितों का इलाज प्रारंभ कराया है।

दमोह जिले के डेंगू के मामले सामने आए हैं। इसके पहले अन्य जिलों में भी डेंगू के मामले निकले थे। अधिकांश मरीज सरकारी अस्पताल के बजाय प्रायवेट अस्पताल में जांच करा लेते हैं, इस कारण रिपोर्ट नहीं हो पाते। इधर बोतराइ गांव में एक बालक डेंगू की मैक एलाइजा रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। हालांकि रिपोर्ट आने से पहले उसे परिजन अस्पताल से घर ले गए थे। मरीज की स्थिति सामान्य है। इसी प्रकार दमोह जिले के ही हटा ब्लॉक के पॉली गांव में एक साथ 50 से अधिक लोगों को उल्टी-दस्त की शिकायत होने लगी। कई मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाद में पता चला कि दूषित पानी के कारण लोग डायरिया का शिकार हो गए।
प्रशासन ने स्वास्थ्य कैंप लगवाया, घरों में जाकर इलाज दिया
पॉली गांव में डायरिया फैलने की सूचना मिलने के तत्काल बाद जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर आया और स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टरों व स्टाफ के साथ पॉली गांव में स्वास्थ्य कैंप लगाकर लोगों को इलाज दिया गया। घर-घर जाकर सर्वे किया गया और जिनकी हालत गंभीर लगी तो उन्हें घर में ही बोतलें लगाकर दवाई दी गई और इलाज किया गया। बता दें कि गांव के सरपंच किशोर यादव द्वारा डायरिया फैलने की सूचना मुख्य खंड चिकित्सा अधिकारी हटा व जनपद सीईओ को दी गई।
जलस्रोतों की सफाई कराकर दवाएं डलवाई जा गई
पॉली गांव में डायरिया के बाद हटा बीएमओ डॉ. संदीप पलंदी ने गांव में इलाज की व्यवस्थाएं तो कराई ही। प्रशासन को सूचना दी गई। जिसके बाद गांव के एक सार्वजनिक कुएं में दवाएं भी डलवाई गई हैं, कारण इसका दूषित पानी पीने की वजह से ही गांव में डायरिया फैला था।












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