बंडा विधानसभा से BJP ने सरकारी शिक्षक वीरेंद्र सिंह को दिया टिकट, पहले पिता रह चुके विधायक-सांसद
मप्र में भाजपा ने जिन विधानसभा सीटों पर नए चेहरे को मौका दिया है, उसमें सागर जिले की बंडा विधानसभा भी शामिल हैं। भाजपा ने यहां से सरकारी शिक्षक वीरेंद्र सिंह लोधी को टिकट दिया है। वीरेंद्र पूर्व सांसद स्व. शिवराज सिंह लोधी के छोटे बेटे हैं।

भारतीय जनता पार्टी ने मप्र में सबको चौंकाते हुए गुरूवार शाम को 39 सीटों पर भाजपा प्रत्याशी घोषित किए हैं। इनमें से सागर जिले की बंडा विधानसभा में जिन वीरेंद्र सिंह लोधी पर भाजपा ने भरोसा जताया है वे बहुत ही लो प्रोफाइल के सरकारी शिक्षक हैं। हालांकि उनकी राजनीतिक पृष्ठभूमि तगड़ी है। उनके पिता स्व. शिवराज सिंह पूर्व विधायक व सांसद रह चुक हैं तो बंडा से ही उनके भाई 2008 में विधानसभा का चुनाव हार चुके हैं।
वीरेंद्र सिंह पर लोधी, इसलिए जातिगत कार्ड खेला
भाजपा ने जिन वीरेंद्र सिंह लोधी पर दांव लगाया है। वे बंडा में ही शासकीय कन्या शाला स्कूल में पदस्थ हैं। सामान्य जीवन व्यतीत करने वाले लोधी सरकारी नौकरी में रहते हुए राजनीति और समाजसेवा के लिए पहचाने जाते हैं। चूंकी उनके पिता
स्व. शिवराज सिंह लोधी सांसद रहे हैं, इसके पूर्व बंडा व मलहरा से विधायक भी रहे हैं, इसलिए भाजपा से उनका बचपन से नाता रहा। साल 2008 के विधानसभा चुनाव में वीरेंद्र के बड़े भाई रामरक्षपाल सिंह को भाजपा ने प्रत्याशी बनाया था, लेकनि वे 3300 वोटों से हार गए थे। वीरेंद्र बीते चार साल से क्षेत्र में काम कर रहे हैं।
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लोधी बाहुल्य सीट है, भाजपा के पास लंबे समय तक रही
बुंदेलखंड में आने वाली 26 विधानसभा सीटों में बंडा विधानसभा की तासीर कुछ अलग रही है। यहां जातिगत आधार पर चुनाव के नतीजे बनते बिगड़ते रहे हैं, हालांकि पूर्व मंत्री स्व. हरनाम सिंह राठौर के समय करीब 25 साल तक यह सीट एकछत्र भाजपा के पास रही है। मूलत: सागर जिले में तथा दमोह लोकसभा के अंतर्गत आने वाली बंडा सीट लोधी बाहुल्य है। यहां सबसे ज्यादा 20 फीसदी मतदाता लोधी समाज से आते हैं।












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