CoVaxin के ट्रायल का फर्स्ट फेज रोहतक PGIMS में हुआ सफल, जानिए क्या बोली टीम
रोहतक। हरियाणा में रोहतक स्थित पीजीआई में कोवैक्सीन के ट्रायल का पहला फेज सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। इस दौरान 375 वॉलिंटियर्स को वैक्सीन दी गई। डॉक्टरों ने कहा कि, किसी भी वॉलिंटियर में साइड-इफेक्ट नहीं दिखे। इस तरह अच्छे ट्रायल से डॉक्टर काफी उत्साहित हैं।

को-वैक्सीन के ट्रायल का फर्स्ट फेज पूरा
डॉ. रमेश वर्मा सीनियर प्रोफेसर कम्युनिटी मेडिसिन डिपार्टमेंट और को-इन्वेस्टिगेटर को-वैक्सीन प्राइस टीम ने कहा, ''रोहतक स्थित अकेले पंडित बीडी शर्मा पीजीआइएमएस में ही 79 वॉलिंटियर्स को वैक्सीन दी गई थी।
डॉक्टर सविता वर्मा ने बताया कि को-वैक्सीन ट्रायल के लिए राष्ट्रीय स्तर पर 13 संस्थानों में 375 वॉलिंटियर को वैक्सीन देने का लक्ष्य रखा गया था। जो पूरा हो गया है।'

अब सेकंड फेज के लिए काम शुरू
अब डॉक्टर इस वैक्सीन के ट्रायल का दूसरा फेज शुरू कर दिए हैं। डॉ. रमेश वर्मा ने को-वैक्सीन ट्रायल टीम की सहायता करने वाले सभी सहयोगियों और वॉलिंटियर की प्रशंसा करते हुए कहा कि, जिन्होंने इस अनुसंधान में डॉक्टरों की टीम का सहयोग किया है, वे काबिले-तारीफ हैं। अब तक के मिले परिणामों से हमारा हौसला बढ़ा है। अब सेकंड फेज के लिए वॉलिंटियर से अपना रजिस्ट्रेशन करवाने की अपील कर रहे हैं।'

कोरोना का नामो-निशान मिट जाएगा
कम्युनिटी मेडिसिन डिपार्टमेंट की सीनियर प्रोफेसर डॉक्टर सविता वर्मा बोलीं- ''यह भी खुशी की बात है कि पंडित बीडी शर्मा पीजीआइएमएस के एंट्रो गैस्ट्रोलॉजी विभाग के सीनियर प्रोफेसर डॉ. प्रवीण मल्होत्रा भी संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए काले पीलिया की दवा पर अनुसंधान कर रहे हैं। अगर यह दोनों अनुसंधान सफल हो जाते हैं तो निश्चित तौर पर वह कह सकती हैं कि भारत से ही नहीं, पूरे विश्व में कोरोना का नामो-निशान मिट जाएगा।''

अब इन लोगों को बनाएंगे वालंटियर
वहीं, वालंटियर्स के चयन के बारे में डॉ. रमेश वर्मा ने भी बताया, ''अब तक 18 से 55 वर्ष की आयु के लोगों को जो स्वस्थ हैं को शामिल किया गया था। लेकिन अब दूसरे दौर के ट्रायल में 16 वर्ष से लेकर और 65 वर्ष के लोगों को शामिल किया जाएगा, जो किसी भी बीमारी से पीड़ित ना हों।'












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