36 घंटे से बोरवेल में फंसे मयंक को कब मिलेगी नई जिंदगी? जानें रेस्क्यू ऑपरेशन में क्या आ रही मुश्किल
Mayank Borewell Rescue Update: रीवा जिले के बोरवेल में गिरे 6 साल के बच्चे को अब तक बाहर नहीं निकाला जा सका है। शुक्रवार 4:00 बजे से बोरवेल में फंसे मयंक आदिवासी को बाहर निकलने की जद्दोजहद जारी है।
मयंक आदिवासी को निकालने के लिए पिछले 36 घंटे से बचाव कार्य चल रहा है। लेकिन प्रशासन के हाथ अभी भी खाली है। रविवार की रात पूरे मामले में नए एलाइनमेंट के साथ काम शुरू हुआ। एनडीआरएफ के द्वारा खोदा गया गड्ढा गलत डायरेक्शन में निकला। फिलहाल परिजनों को बताने के लिए प्रशासन के पास कुछ भी नहीं है।

जानकारी मुताबिक एनडीआरएफ की टीम ने गलत दिशा में खुदाई कर दी थी। इसलिए अब पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन की शुरुआत नए सिरे से की जाएगी। बता दें कि जिस बोरवेल में मयंक गिरा है उसकी गहराई लगभग 60 फूट है।
जनेह थाना क्षेत्र के मनिका गांव में शुक्रवार को 6 साल का मासूम मयंक खेत में खेलते समय बोरवेल के गड्ढे में गिर गया था। लोगों ने इसके बाद तुरंत प्रशासन को घटना की जानकारी दी थी। टीम मौके पर पहुंची और बच्चे को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू अभियान शुरू किया था।
लेकिन, शुक्रवार शाम करीब 4:00 बजे से पूरी रात और पूरे दिन लगे रहने के बाद भी वह बच्चे को बचाना तो दूर, उसे ढूंढ भी नहीं पाए। बताया जा रहा है कि इलाके में बेसौसम बारिश होने के कारण मुसीबतें और बढ़ गई हैं।
रीवा एसपी विवेक सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि NDRF की टीम लगातार प्रयास कर रही है। हम जो टनल बना रहे हैं। उसको चौड़ा किया जा रहा है। उसकी ऊंचाई भी बढ़ाई जा रही है ताकि बोर तक सफलतापूर्वक पहुंचा जा सके। NDRF, SDRF और प्रशासन लगातार प्रयास कर रहे हैं।












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