सीनियर्स से लड़कर पाकिस्‍तान गए जवान चंदू को मिली सजा, जानें पर्दे के पीछे की पूरी कहानी

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    Indian Sepoy Chandu Babulal found guilty for crossing border by General Court Martial|वनइंडिया हिंदी

    नई दिल्लीः देश की सैन्य अदालत ने चंदू बाबूलाल चव्हाण को गलती से पाकिस्तान में घुस जाने के लिए तीन महीने की सजा सुनाई है। बता दें, भारतीय सेना ने पिछले साल 29 सितंबर 2016 को पाकिस्तान के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक की थी, इस कार्रवाई के बाद से जवान चंदू बाबूलाल चव्हाण एलओसी पार कर गए थे। बाद में पाकिस्तान ने उन्हें भारत को सौंप दिया था। एलओसी पार के आरोप में चंदू का कोर्ट मार्शल किया गया है, जिसमें उन्हें तीन महीने के सजा सुनाई हैं, आइए आपको बताते हैं पर्द के पीछे की कहानी-

    Indian soldier Chandu Chavan got 3 months imprisonment for crosing LoC

    7 अक्टूबर, 2016 को पाकिस्तान ने किया था स्वीकार

    7 अक्टूबर, 2016 को पाकिस्तान ने किया था स्वीकार

    एचटी की रिपोर्ट के मुताबिक सर्जिकल के कुछ ही घंटों बाद चंदू का जेसीओ(जूनियर कमीशन ऑफिसर) के साथ ड्यूटी वितरण के कारण कुछ कहासुनी हुई, जिसके बाद वो अपनी पोस्ट से गलती से एलओसी पार कर गए। चंदू को पाकिस्तान ने गिरफ्तार कर लिया। 7 अक्टूबर, 2016 को पाकिस्तान ने डीजीमओ से बातचीत में स्वीकार किया कि चंदूलाल नाम का जवान पाकिस्तान में मौजूद है।

    जनवरी में भारत लौट आए थे चंदू

    जनवरी में भारत लौट आए थे चंदू

    पाकिस्तान ने चार महीने बाद चंदू को अमृतसर वाघा बार्डर पर भारतीय सेना को सौंपा दिया था। भारत और पाकिस्तान सेना के डायरेक्टर जनरल हर सप्ताह हॉटलाइन पर बातचीत करते हैं। बातचीत में चंदू का मुद्दा उठा और उसे भारतीय सेना को जनवरी में सौंपा गया। चंदू के पाकिस्तान में जाने की खबर सुनकर सदमे से उनकी नानी की मौत हो गई।

    लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) डीएस हुड्डा को मिली थी जानकारी

    लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) डीएस हुड्डा को मिली थी जानकारी

    लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) डीएस हुड्डा ने एचटी से बात करते हुए बताया, 'उस वक्त उन्हें जवान के मिस होने की जानकारी मिली थी। बताया गया था कि जेसीओ के काथ कहासुनी हुई। हमें जानकारी मिली थी कि जवान बॉर्डर के उस पार चला गया है।'' डीएस हुड्डा पिछले साल नवंबर में रिटायर हो चुके हैं।

    राष्ट्रीय रायफल 37 के जवान हैं चंदू

    राष्ट्रीय रायफल 37 के जवान हैं चंदू

    राष्ट्रीय रायफल 37 पोस्ट पर नियुक्त चंदू बाबूलाल चव्हाण महाराष्ट्र के बोरविहिर गांव का रहने वाला है। अधिकारिक सूत्रों ने बताया कि सेना की अदालत ने चंदू बाबूलाल चव्हाण को तीन महीने कैद की सजा सुनाई है लेकिन सजा की अवधि को उचित अधिकारियों की मंजूरी मिलना अभी बाकी है।

    बचपन में ही चंदू के माता-पिता की मौत हो गई थी

    बचपन में ही चंदू के माता-पिता की मौत हो गई थी

    बचपन में ही चंदू के माता-पिता की मौत हो गई थी, माता-पिता की मौत के कारण उनके तीन भाई-बहन अपनी नानी के घर में रह रहे थे, चंदू को पाकिस्तान में कब्जे में ले जाने की खबर सुनकर उनकी नानी लीलाबाई (65) की हार्ट अटैक से मौत हो गई थी।

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