देखें वीडियो, कैसे मूसलाधार बारिश से पावागढ़ में झरने की तरह बहा सीढ़ियों से पानी, सड़क टूटी

वडोदरा। गुजरात में मानसून के आगमन के समय से ही कई जिलों में भारी बारिश हो रही है। यहां यात्राधाम पावागढ़ भी इस बारिश का गवाह बना है। मूसलाधार बरसात के चलते जन-जीवन अस्त-व्यस्त हुआ दिख रहा है। पहाड़ियों पर बनी सीढ़ियों से पानी ऐसे बह रहा है, जैसे कोई झरना हो। यह दृश्य कुछ लोगों ने कैमरे में कैद किया है। वीडियो में आप देख सकते हैं कि पानी की क्या रफ्तार है। हालांकि, इस भारी बारिश की वजह से किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। मगर, पानी की रफ्तार के चलते बड़े.बड़े पत्थर भी पहाड़ी से जहां-तहां गिरने लगे। सड़क टूट गईं।

सीढियों से ऐसे बहा पानी जैसे झरना हो

सीढियों से ऐसे बहा पानी जैसे झरना हो

संवाददाता के अनुसार, बहरहाल वहां श्रद्धालु मौजूद नहीं हैं, इसलिए जनहानि होने की संभावना है। जलभराव और पैनी बूंदों से संकट जरूर खड़ा हो गया है। विद्युत विभाग द्वारा लोगों की सलामत के लिए बिजली के तार काट दिए गए हैं। बिजली न होने की वजह से भी लोग परेशानी झेल रहे हैं। मातारानी के माची डुंगर पर रातभर अंधेरा छाया रहा।

इन जिलों में हो रही तेज बारिश

इन जिलों में हो रही तेज बारिश

गुजरात में वापी, वलसाड और वडोदरा में पानी 10 इंच से भी ज्यादा बरस चुका है। पिछले दिनों वापी और वलसाड में 24 घंटे में ही 22 इंच से भी ज्यादा बारिश दर्ज की गई। अब हलोल में 4 इंच, जंबुघोड़ा में 3, घोघम्बा में 2 और दाहोद में 1 इंच बारिश दर्ज हुई है। हालांकि, पावागढ़ में सबसे ज्यादा 5 इंच पानी बरसा है।

सड़कों में हुए गड्ढे, यातायात हुआ बाधित

सड़कों में हुए गड्ढे, यातायात हुआ बाधित

भारी बारिश का पानी पहाड़ों से गिरने की वजह से रास्तों पर बड़े-बड़े गढ्ढे हो गए हैं। जिससे यातायात प्रभावित हुआ है। वीडियो में आप देख सकते हैं कि पानी का बहाव इतना तीव्र है जैसे किसी बांध से पानी बहता है।

1525 फीट उंची है पहाड़ी, पौराणिक-ऐतिहासिक महत्त्व

1525 फीट उंची है पहाड़ी, पौराणिक-ऐतिहासिक महत्त्व

पावागढ़ पहाड़ी गुजरात के पंचमहल जिले में स्थित है। यहां बने महाकाली मंदिर की खास बात यह है कि यहां दक्षिणमुखी काली मां की मूर्ति है। यह मंदिर पावागढ़ की ऊँची पहाड़ियों के बीच लगभग 550 मीटर की ऊंचाई पर है। पावागढ़ पहाड़ी की शुरुआत प्राचीन गुजरात की राजधानी चंपानेर से होती है। यहां 1,471 फुट की ऊंचाई पर माची हवेली स्थित है। मंदिर तक जाने के लिए माची हवेली से रोपवे की सुविधा है। यहां से पैदल मंदिर तक पहुंचने लिए लगभग 250 सीढ़ियां चढ़नी होती हैं। गर्मियों में यहां हरियाली तो होती है, मगर, इन दिनों की बारिश ने यहां का माहौल बदल दिया है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+