दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी से पहली ही बारिश में रिसने लगा पानी, देखें वीडियो

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    देखें वीडियो, दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी से पहली ही बरसात में टपकने लगा पानी

    राजकोट। गुजरात के केवड़िया स्थित दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' से पहली ही बारिश में पानी रिसने लगा है। सरदार वल्लभभाई पटेल की यह प्रतिमा 182 मीटर ऊंची है। इसे तैयार करने में 3000 करोड़ रुपए की लागत आई थी। शनिवार को देखा गया कि प्रतिमा के हृदय के पास से पानी रिस रहा था। जिसके बाद प्रतिमा की रेनकोट पहने तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने लगीं। बता दें कि, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की दर्शक गैलरी (व्यूइंग गैलरी) 135 मीटर ऊंचाई पर है, इस गैलरी के सामने ग्रिल लगा है जिससे हल्की वर्षा के ही के दौरान पानी घुसता देखा गया। कुछ टूरिस्ट्स के मुताबिक, यह पानी बाहर से नहीं आया बल्कि रिसाव हो रहा था। जबकि अधिकारी इसका खंडन कर रहे हैं।

    सबसे ऊंची प्रतिमा की व्यूइंग गैलरी में घुसा बरसाती पानी

    सबसे ऊंची प्रतिमा की व्यूइंग गैलरी में घुसा बरसाती पानी

    वर्ष 2018 में 31 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' का उद्घाटन किया था। इस प्रतिमा की व्यूइंग गैलरी में लि​फ्ट के जरिए पहुंचा जाता है। जहां से एक बार में करीब 200 लोग आसपास के विहंगम दृश्य का आनंद ले सकते हैं। यहीं, जलभराव होने की जानकारी मिली है। दावा किया जा रहा है कि हृदय के (इसी स्थान) पर बरसाती पानी भर गया है। जबकि, आश्चर्य की बात यह है कि गरूड़ेश्वर तहसील में भारी वर्षा भी नहीं हुई। पिछले 24 घंटे में केवल 11 मिलीमीटर और मौसम की मात्र 5 प्रतिशत वर्षा ही दर्ज हुई। फिर भी मामूली बारिश होने के बावजूद यह समस्या आ गई।

    डीएम ने कहा- डिजाईन ही ऐसा है, कोई खतरा नहीं

    डीएम ने कहा- डिजाईन ही ऐसा है, कोई खतरा नहीं

    नर्मदा जिले के कलेक्टर आई. के. पटेल ने भी पत्रकारों से बातचीत में पुष्टि की कि प्रतिमा के कुछ हिस्सों में रिसाव की समस्या है और इसे दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि उन्होंने इस बात से इंकार किया कि व्यूइंग गैलरी में पानी का जमाव किसी गड़बड़ी की वजह से हो रहा है। उनके मुताबिक, गैलरी का डिजाईन ही ऐसा तैयार किया गया है कि बरसात के दौरान इसमें पानी आये। अगर इसे बंद कर दिया तो यहां से दिखने वाला कुदरती नजारा दिखना बंद हो जाएगा।

    मेंटिनेंस का जिम्मा लार्सन एंड टुब्रो के पास

    मेंटिनेंस का जिम्मा लार्सन एंड टुब्रो के पास

    इस प्रतिमा के निर्माण और रखरखाव का जिम्मा लार्सन एंड टुब्रो कंपनी के पास है। पानी की समस्या की बात सामने आने पर कंपनी के सीईओ समेत कई उच्च अधिकारी यहां पहुंचे। हालांकि उन्होंने भी समस्या को प्रतिमा के डिजाइन का भाग बताने के साथ इस पर नजर बनाए रखने का आश्वासन दिया था। बाद में केवडिया में गुप्त मीटिंग भी की गई। सोशल मीडिया पर लोगों ने चुटकी लेते हुए कहा कि प्रशासन और वह कंपनी समस्या को छिपाने की कोशिश कर रहे हैं।

    यह प्रतिमा बनवाने के लिए देशभर से लाया गया था लोहा

    यह प्रतिमा बनवाने के लिए देशभर से लाया गया था लोहा

    स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की गैलरी में पानी टपकने का पता चलने पर सोशल मीडिया यूजर्स इसलिए भी ज्यादा चर्चा कर रहे हैं, क्योंकि यह प्रोजेक्ट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वकांक्षी योजनाओं में से एक था। जब वह गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब उन्होंने स्टैच्यू ओफ युनिटी का फाउंडेशन स्टोन रखा था। उन्होंने इस जगह का उद्घाटन भी किया। इस प्रतिमा को बनाने के लिए देशभर से आयरन स्क्रैप इकट्ठा किया गया था। राज्य सरकार ने 3,000 करोड़ रुपये खर्च किए। ऐसे में यह सवाल किए जा रहे हैं कि इतना पैसा खर्च करने के बावजूद इसमें जल रिसाव जैसी समस्या क्यों हुई।

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