'सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत मांगने वाले यहां वोट मांगने न आएं', गांव में ये पोस्टर देख कांग्रेस ने की शिकायत
Gujarat News, मोरबी। गुजरात में मोरबी के एक गांव के लोगों ने 'सर्जिकल स्ट्राइक के सुबूत मांगने वाले यहां वोट मांगने न आएं' लिखे शीर्षक के साथ पोस्टर चिपका दिए। गांववालों ने ये भी लिखा कि वे भारतीय सेना का अपमान करने वाले दल को वोट नहीं देंगे। इन पोस्टर में किसी दल या नेता का नाम तो नहीं लिया गया, मगर जब कांग्रेसी नेताओं ने इन पोस्टर को देखा तो वे गुस्सा हो गए। कांग्रेसियों ने इसकी शिकायत चुनाव आयोग अधिकारियों से कर दी। कांग्रेस की ओर से कहा गया कि ऐसे पोस्टरों से आयोग के आदेशों की अवहेलना की गई है, लिहाजा कानूनी कार्रवाई की जाए।

बता दें कि, ये पोस्टर मोरबी में महेन्द्रनगर गांव के बस स्टैण्ड पर लगे हैं। स्थानीय लेागों ने गुजराती भाषा में इन पर लिखा, "भारतीय सेना से सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत मांगने वाली पार्टी को यहां वोट मांगने आना मना है, गांव के लोग सेना का अपमान करने वाली पार्टी को वोट नहीं देंगे।" इन पोस्टर्स पर किसी का नाम लिखने के बजाय निचले हिस्से पर राष्ट्र प्रेमी महेन्द्रनगर ग्रामजन लिखा गया है। इन पोस्टर को कांग्रेस ने अपने अपमान के तौर पर दौर पर लिया और चुनाव आयोग में आचार संहिता का उल्लंघन बताकर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की।

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स्थानीय कांग्रेस नेता मुकेशभाई गामी ने कहा कि मतदाताओं को गुमराह करने के लिए इस प्रकार के पोस्टर लगाए गए हैं। साथ ही पोस्टरों में सर्जिकल स्ट्राइक जैसी सेना की खूफिया बातों का जिक्र कर आचारसंहिता का भंग भी किया गया है। चुनाव आयोग द्वारा भी चुनावी प्रचार में सेना के नाम का उल्लेख करने पर प्रतिबंध लगाया गया है। उन पर कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए।












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