flashback 2021: कुत्ते से हारी शेरनी, कहीं शेरों को भी कोरोना हुआ, यूं पूरे साल छाए रहे जंगल के राजा
flashback 2021: जंगल में कुत्ते से हारी शेरनी, तो कहीं सोते युवक की छाती पर आ बैठी, शेरों को भी कोरोना हुआ
राजकोट। कोरोना-महामारी के प्रकोप के बीच वर्ष 2021 विदा हो रहा है। इस वर्ष इंसान तो इंसान, जंगली जानवरों के भी अजीबो-गरीब वाक्या सामने आए। देश में कई जगहों पर कोरोनाकाल के चलते जानवरों की जान गई। हरियाणा में सैकड़ों गायें इसलिए मर गईं क्योंकि गौशाला में उनकी चारे-पानी की व्यवस्था नहीं हो पाई और लॉकडाउन में देख-रेख करने वाले नहीं रहे। इसी तरह गुजरात में सरकार ने जंगली जीवों के संरक्षित क्षेत्रों में कुछ महीने इंसान की पहुंच नहीं होने दी। ऐसे में जंगली जानवर बेधडक होकर इंसानी बस्तियों का रूख करने लगे। कहीं शेरों के झुंड ने गाएं मारीं तो कहीं से बंधे गधे को खींच ले गए। यूं तो गुजरात है ही शेरों वाला प्रांत, लेकिन इस साल की कुछ घटनाओं ने लोगों का बहुत ध्यान खींचा। यहां हम आपको बता रहे हैं 2021 में शेर-शेरनियों से जुड़ा क्या क्या खास हुआ..?
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जंगल में कुत्ते ने शेरनी को धूल चटाई
आपने शायद कुत्ते और शेरनी की लड़ाई नहीं देखी होगी, लेकिन गुजरात के विश्व प्रसिद्ध गिर अभयारण्य में ऐसा लोगों ने सामने देखा। एक कुत्ते पर शेरनी झपट पड़ी, उस वक्त लॉयन सफारी के शौकीन लोगों की जीप वहां से निकल रही थी। जंगल में कुत्ते और शेरनी को आमने-सामने देखकर सैलानियों ने वीडियोग्राफी की। वीडियो में दिख रहा है कि सैलानियों की जीप जब सफारी पार्क से गुजर रही थी तो एक कुत्ता रास्ते में खड़ा था। उससे कुछ ही दूरी पर शेरनी थी। शेरनी ने कुत्ते को देखा तो उसकी ओर झपटी। लेकिन कुत्ते ने डरने के बजाए भौंकना शुरू कर दिया।जैसे ही शेरनी ने उसमें पंजा मारा, कुत्ता भौंकते हुए शेरनी के मुंह के बालों को नोंचने लगा। इससे शेरनी हड़बड़ा गई और पीछे हटते चली गई। कुत्ता उस पर हावी होता चला गया। कुछ ही क्षणों में कुत्ते ने उसे धूल चटा दी। वह चुप होकर देखती रह गई। इस घटना का वीडियो जब सोशल मीडिया पर आया तो कुछ ही घंटे में वायरल हो गया। एक वनअधिकारी ने बताया कि, सासण सफारी पार्क में घूमने आए सैलानियों ने कुत्ते और शेरनी की लड़ाई देखी। न सिर्फ देखी बल्कि अपने कैमरे में भी रिकॉर्ड की। जिसका वीडियो वायरल हो गया। वीडियो में कुत्ते और शेरनी के बीच हुई लड़ाई को आप साफ देख सकते हैं।

नजर आया जंगल का सबसे खूबसूरत शेर
इस साल विश्व सिंह दिवस (वर्ल्ड लॉयन डे) पर गिर का सबसे खूबसूरत शेर एक तस्वीर में दुनिया ने देखा। जिसका नाम था- 'देवराज'। उसकी जो तस्वीर सामने आई, उसे फॉरेस्ट ट्रेकर सोहेल मकवाना ने खींचा। जी हां, तस्वीर में दिख रहा यह वही शेर है, जिसे लोग 'देवराज' कहते हैं। यह शेर जूनागढ़ के देवलिया सफारी पार्क में रहता है। इसे सबसे खूबसूरत शेर बताया जाता है। चूंकि, एशियाटिक होने के बावजूद 'देवराज' का लुक अलग तरह का है, जो कि अफ्रीकी शेरों से भी नहीं मिलता। आकार में यह पतला और लंबे घने बालों वाला है। देवलिया सफारी पार्क के कर्मचारी इसकी देखभाल करते हैं। उनका कहना है कि, यह शेर एक अनाथ है, इसके मिलने की वजह दिलचस्प है। दरअसल, यह उस वक्त 4 या 5 महीने का ही था, जब इसकी माँ की मौत हो गई और वन विभाग द्वारा इसे देवलिया सफारी पार्क लाया गया। जहां इसका पालन-पोषण हुआ और यहीं यह बड़ा हुआ। वन विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि, इस शेर का आकर्षक रूप इसके बालों के कारण है। नारंगी-काले मिलान वाले रोएं इसके चेहरे की चमक बढ़ा देते हैं।
इस शेर का जन्म करीब एक साल पहले घने जंगल में हुआ था और फिर जब यह बिना मां के मिला तो इसकी देखरेख वनविभाग के ही कर्मियों ने करनी शुरू कर दी। वाइडलाइफ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अक्सर ऐसा होता है कि जब शेर जंगल में घूम रहा हो, बबूल के कांटों, झाड़ियों और कांटेदार बाड़ों से गुजरा तो उसके बाल झड़ते हैं। मगर, देवराज को ऐसी किसी समस्या का सामना नहीं करना पड़ता है। बचपन से ही उसे सफारी पार्क में तैयार भोजन मिलता रहा है, ऐसे में उसे शिकार करने की जरूरत नहीं पड़ी। जिससे इसके शरीर पर खरोंच तक नहीं पहुंचती। नतीजतन, वह सबसे सुंदर है। हालांकि, गुजरात समेत देशभर में शेरों के लिए कई जंगल हैं, लेकिन देवलिया सफारी, गिर, साकरबाग जू, अंबरदी समेत किसी भी जगह पर इतना खूबसूरत शेर आपको नहीं दिखेगा।

सड़क पर एक साथ निकला 14 शेरों का कुनबा
इसी साल गुजरात में अमरेली जिले के राजुला स्थित कोवाया में अल्ट्राटेक कंपनी के माइन्स विस्तार में शेरों का कुनबा घूमते हुए दिखा। वहां जंगल के पास सड़क पर शेर, शेरनियों और शावकों समेत कुनबे में 14 सदस्य दिखाई दिए। एक वन अधिकारी ने बताया कि, शेरों के कुनबे में 3 शेरनी और 2 शेर थे। शेष 9 शावक थे। एक वनकर्मी ने बताया कि, शेरों का कुनबा पीपावाव पोर्ट के नजदीक सड़क पर अक्सर घूमते दिखाई दे जाता है। वहीं, अल्ट्राटेक कंपनी के कर्मी के मुताबिक, जुलाई महीने में 14 शेरों का कुनबा दिखने पर यहां से गुजर रहे वाहन थोड़ी देर के लिए ठहर से गए। उन्होंने कहा कि, इस जंगल में शेरों से ज्यादा शेरनियां रहती हैं।

हैदराबाद में 8 शेर कोरोनावायरस से संक्रमित मिले
कोरोना महामारी की दूसरी लहर से देश के ज्यादातर हिस्सों में कोहराम मचा। हर दिन सैकड़ों मरीजों की मौत हुई और लाखों की संख्या में संक्रमण के नए केस दर्ज हुए। इसी दौरान संक्रमण जानवरों में भी फैला। देश में पहली बार एक चिडि़याघर में एक साथ 8 शेर कोरोना की चपेट में आए। ये कोराना पॉजिटिव शेर हैदराबाद के नेहरू प्राणी उद्यान (NZP) के थे।
जहां आठ एशियाई शेरों को कोरोना टेस्ट पॉजिटिव आया। 29 अप्रैल को सेंटर फॉर सेल्युलर एंड मॉलिक्यूलर बायोलॉजी (CCMB) ने NZP अधिकारियों को बताया कि, इन शेरों का RT-PCR टेस्ट पॉजिटिव आया, लेकिन प्राणी उद्यान प्रशासन ने पुष्टि नहीं की।जूलोजिकल पार्क के डायरेक्टर डॉक्टर सिद्धानंद कुकरेती ने खुलासा किया कि शेरों में कोरोना के लक्षण दिखे। वहीं, वाइल्डलाइफ रिसर्च एंड ट्रेनिंग सेंटर (डब्ल्यूआरटीसी) के निदेशक डॉक्टर शिरीष उपाध्याय ने कहा कि ब्रोंक्स ज़ू में कोरोना वायरस के लिए 8 बाघों और शेरों की कोई रिपोर्ट निगेटिव नहीं आई। ये कोरोना वायरस पहले हांगकांग में कुत्तों और बिल्लियों में मिला।

'छाती पर बैठ गई थी शेरनी, धक्का मारकर भगाई'
गुजरात में शेर-शेरनियों के रिहायशी इलाकों में घुस आने की घटनाएं घटित होना वैसे तो आम है। मगर, कैसा हो जब कोई शेरनी चुपके से आकर आपके सीने पर बैठ जाए? यह मजाक नहीं, सच है। अमरेली के रहने वाले युवक ने आपबीती बताई। युवक के मुताबिक, जब वह सो रहा था तभी एक शेरनी आकर छाती पर बैठ गई। उसके वजन से युवक की चेतना जागी और शेरनी देखकर, उसने पूरे दम से उसमें पीछे की ओर धक्का दिया। जिसने शेरनी दूर जाकर पड़ी। उसके बाद वहां से भाग निकली। युवक भी उठ खड़ा हुआ और शोर मचाया।

शेरों की संख्या 29% बढ़ी, सबसे ज्यादा गुजरात में ही
गुजरात भारत का ऐसा राज्य है, जहां दुनिया में सबसे ज्यादा एशियाई शेर रहते हैं। यहां गिर फॉरेस्ट शेरों के लिए सबसे सुरक्षित पनाहगाह माने जाते हैं। सरकार का दावा है कि, यहां शेरों की आबादी लगातार बढ़ रही है। मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल ने इस साल आंकड़े बताते हुए कहा कि, अब गुजरात में शेरों की तादाद पौने 700 तक पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि, अब हमारे यहां वन्यजीवों के ट्रैकिंग सिस्टम को नई टेक्नोलॉजी से सुदृढ़ किया जा रहा है। सरकारी आंकड़ा देखें तो 2015 के बाद के 5 वर्षों में शेरों की सख्या लगभग 29% बढ़ी है। यह दावा सरकार ने अपनी एक गणना के आधार पर किया। इससे पहले सरकार ने बताया था कि, गुजरात में शेरनियों की संख्या शेरों से ज्यादा है। यह खुलासा गुजरात के वन विभाग द्वारा किए गए सर्वे से हुआ। जिसके ताजा आंकलन में बताया गया कि, गीर के वन क्षेत्र में अब शेरों से ज्यादा शेरनियां हैं। यहां बीते 30 साल में शेरों की संख्या ढाई तक गुना बढ़ी। जिनमें 2020 तक कुल 674 सिंहों में 161 नर थे, जबकि 260 मादा। अल्प व्यस्क शेरों की संख्या 94 थी, जिनमें 45 नर और 49 मादा थीं। वहीं, शावकों की संख्या 137 और अचिन्हित लिंग वाले 22 शेर पाए गए।












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