पाकिस्तान से लौटे मछुआरे बोले- देश ने जब एयर स्ट्राइक की, तब हम वहां जेलों में डरे हुए थे
Gujarat News, वेरावल। पाकिस्तान ने इस महीने में अब तक करीब 100 भारतीय मछुआरों को एक समझौते के तहत मुक्त कर दिया है। इन मछुआरों में ज्यादातर वेरावल के हैं, जिन्हें गुजरात फिशरीज डिपार्टमेंट द्वारा अमृतसर से बड़ौदा लाया गया। इसके बाद इन्हें 2 बसों द्वारा वेरावल पहुंचाया गया। सालों से बिछड़े मछुआरे जब अपने पत्नी-बच्चों एवं परिवार से मिले तो भावुक हो गए। इस दौरान एक मछुआरे अयुब महंमदभाई पठान ने बताया कि जब भारत ने पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की तो हम डर गए थे।' ये डर इसलिए था कहीं पाकिस्तान कुछ कर न दे। उस वक्त दोनों देशों में तनाव बहुत बढ़ गया था।

मछुआरों ने इस तरह साझा कीं जेल की बातें
बता दें कि अयूब महंमदभाई पठान गुजरात में उना के रहने वाले हैं। उनका कहना है कि वहां जेल के अधिकारी हमें दिलासा भी दे रहे थे कि युद्ध न हो तो अच्छा है। वे हमें समय पर छोड़ने की बात कर रहे थे। अयूब महंमदभाई की तरह कोडिनार के मछुआरे रविराज चोचा बताते हैं कि जब हम पाकिस्तान जेल में थे, तब भारत और पाकिस्तान के बीच तनावग्रस्त माहौल था। जिसके चलते हम सबको अलग-अलग जेलों में रख दिया गया था। पाकिस्तानी जेल के अधिकारी हमें टीवी चैनल दिखाकर सारी जानकारी दे रहे थे। वे कह रहे थे कि अगर युद्ध न हो तो दोनों देशों के लिए अच्छा है।'

इस तरह मछुआरों को मुक्त कर रहा पाकिस्तान
इसी तरह कोटड़ा के राहुल बारिया ने भी पाकिस्तान का माहौल याद करते हुए कहा, 'आज के बाद हम कभी भी समंदर में नहीं जाएंगे।' पाकिस्तानी नेवी उन्हें समंदर से ही पकड़कर ले गई थी। बहरहाल जानकारी के अनुसार, पाकिस्तान ने जिन 300 से ज्यादा भारतीय मछुआरों को छोड़ रहा है, वे अलग-अलग समय पर 4 समूहों के तहत रिहा किए जाएंगे।

100 मछुआरों में ज्यादातर गिर सोमनाथ के
अभी गिर सोमनाथ के 73, द्वारका के 8, वलसाड के 2, वापी का 1, उत्तरप्रदेश के 13, और अन्य राज्यों के 3 समेत 100 मछुआरों को रिहा किया गया है। हालांकि, कहा जा रहा है कि 1 के बोगस दस्तावेज के चलते उसकी पहचान नहीं हो पाई है। आने वाले समय में 255 मछुआरों और 5 नागरिकों समेत 260 लोगों को पाकिस्तान मुक्त करेगा।












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