राजस्थान: टिकट नहीं मिलने से वसुंधरा राजे के करीबी यूनुस खान ने BJP से दिया इस्तीफा, निर्दलीय से लड़ेंगे चुनाव
Rajasthan Assembly Election 2023: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता और राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के करीबी विश्वासपात्र यूनुस खान ने आगामी विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं मिलने के बाद शनिवार को पार्टी छोड़ दी।
राजस्थान की राजनीति के दिग्गज नेता यूनुस खान को लंबे समय से राज्य की कद्दावर नेता वसुंधरा राजे के सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में से एक माना जाता था। यूनुस खान ने भाजपा छोड़ने की घोषणा तब की जब उन्हें पार्टी ने आगामी विधानसभा चुनाव के लिए डीडवाना से टिकट देने से इनकार कर दिया। इसके बाद वह पार्टी से बेहद नाराज हो गए।

पार्टी से अलग होने के बाद यूनुस खान ने आगामी विधानसभा चुनाव के लिए डीडवाना से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में अपनी उम्मीदवारी की घोषणा कर दी है। उन्होंने कहा कि हम किसी पार्टी में शामिल नहीं होंगे। हम निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे। शुक्रवार को पार्टी द्वारा जारी की गई भाजपा की तीसरी उम्मीदवार सूची से यूनुस खान का नाम हटा दिया गया। पार्टी ने डीडवाना से जीतेंद्र सिंह जोधा को मैदान में उतारा है। यूनुस खान डीडवाना से दो बार विधायक रह चुके हैं।
झोटवाड़ा सीट से पूर्व बीजेपी विधायक राजपाल सिंह शेखावत के समर्थकों ने इस सीट से बीजेपी सांसद राज्यवर्धन सिंह राठौड़ की उम्मीदवारी का विरोध किया। पूर्व मंत्री शेखावत को पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का भी करीबी बताया जाता है और टिकट कटने के बाद उन्होंने मुलाकात की थी।
टिकट से वंचित एक अन्य भाजपा नेता मुकेश गोयल ने दावा किया कि पार्टी को कोटपूतली में भारी हार का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने पिछले महीने कोटपूतली में संवाददाताओं से कहा था कि राजस्थान में बीजेपी 40-50 सीटों तक ही सीमित रहेगी।
गोयल के समर्थकों ने सीट के लिए हंसराज पटेल की उम्मीदवारी के खिलाफ अपना विरोध प्रकट करने के लिए पार्टी के झंडे जलाए। बता दें कि राजस्थान की सभी 200 विधानसभा सीटों पर 25 नवंबर को मतदान होगा और वोटों की गिनती 3 दिसंबर को होगी।
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