पुलिस थाने में महिला से गैंगरेप करने वाले पुलिसकर्मियों से पीड़िता को बचाने में सिपाही गीता बनी ढाल
Churu : सरदारशहर थाने में महिला से गैंगरेप करने वाले पुलिसकर्मियों से पीड़िता को बचाने में सिपाही गीता बनी ढाल
चूरू। राजस्थान के चूरू जिले के सरदारशहर पुलिस थाने में देवर की मौत और भाभी के साथ सामूहिक गैंगरेप के मामले में एक महिला कांस्टेबल ने पीड़िता के साथ हमदर्दी दिखाई थी। हैवानियत की सारी हदें पारे करने वाले थानाधिकारी समेत अन्य पुलिसकर्मियों के बीच यही महिला कांस्टेबल पीड़िता की जान बचाने के लिए ढाल बनकर खड़ी नजर आई। इस बात का जिक्र पीड़िता ने अपने पर्चा बयान में भी किया था। महिला कांस्टेबल का नाम गीता है।

पीटने से कई बार रोका गीता ने
गीता ने पीड़िता के साथ उसके देवर को भी बचाने का प्रयास किया था। कई बार उसने अधिकारियों को पीटने से रोका था, मगर हैवानियत कर पुलिसकर्मियों ने देवर को पुलिस हिरासत में इतना मारा कि उसकी मौत ही हो गई। भाभी जिंदगी और मौत के बीच जूझने को मजबूर हो गई। इस दौरान कांस्टेबल गीता ने अपना फर्ज निभाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। जब कभी मौका मिला तो उसके दर्द पर मरहम लगाने का प्रयास करती।

सीआई समेत 6 पुलिसकर्मियों के खिलाफ गैंगरेप का केस
सरदारशहर पुलिस थाने में महिला के साथ बर्बरता से मारपीट व सामूहिक बलात्कार करने के मामले में आठ दिन बाद सरदारशहर थाने में तत्कालीन थानाधिकारी रणवीरसिंह सांई व 5 अन्य पुलिसकर्मियों पर मारपीट व एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। ये वहीं थानाधिकारी हैं जो अपने अधिकारियों से लेकर मीडिया को गुमराह करते रहे कि उक्त महिला को उसने नहीं उठाया और न ही कोई पूछताछ की।

पीड़िता ने बयां की पुलिसिया जुल्म की दास्तां
पीड़िता का आरोप है कि तीन जुलाई की शाम पांच बजे उसका पति व बच्चे खेत में गए थे। वह घर पर अकेली थी। तभी चार-पांच पुलिसवाले निजी गाड़ी से आए और उसे सरदारशहर पुलिस थाने ले गए और कमरे में बंद कर दिया। महिला के देवर को तीन-चार दिन पहले चोरी के आरोप में ले गए थे। कुछ देर बाद कमरे में गीता कांस्टेबल सहित 4-5 पुलिसवाले आए और मुझे एक घंटे तक पट्टों से पीटते रहे।

पास के कमरे में देवर से भी मारपीट की
पास के कमरे में देवर से भी मारपीट की। फिर 5-6 पुलिस वाले आकर बैठ गए। गीता की ड्यूटी खत्म हो गई थी। महिला सिपाही रूपा को बुलाया। जबरन उसके कपड़े उतरवाए और मुझसे गंदा काम करने के लिए कहा। मना किया तो सभी ने बलात्कार किया। वे पांच-छह थे। उसने बताया कि वह सिर्फ रणवीरसिंह सीआई का नाम ही जानती है। चार जुलाई को सुबह 10-11 बजे उसे लाठी से पीटा और प्लास से पैर व हाथ के नाखून निकाल उखाड़ दिए। पिटाई के बाद रूपा ने उसे खाना खिलाया। फिर सबने देवर की पिटाई की। पूरे दिन ऑफिस में बैठाए रखा।

इधर, भीम आर्मी चीफ चन्द्रशेखर ने दी राजस्थान बंद की चेतावनी
चूरू पुलिस की हिरासत में दलित युवक की मौत के मामले में भीम आर्मी ने आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने और प्रकरण की जांच सीबीआई से करवाने की मांग की है। मांगें नहीं माने जाने पर भीम आर्मी के चीफ चंद्रशेखर ने राजस्थान बंद की चेतावनी दी है। अपनी मांगों को लेकर भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने चंद्रशेखर के नेतृत्व में चूरू में जमकर प्रदर्शन भी किया है।












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