Rajasthan: कांग्रेस के दिग्गज नेता हरीश चौधरी ने क्यों कहा सन्यास लेकर बैठ जाउंगा घर ? सामने आई बड़ी वजह
Rajasthan Politics News: बाड़मेर के पूर्व विधायक मेवाराम जैन की कांग्रेस में वापसी की अटकलों के चलते प्रदेश की सियासत गरमा गई है। कांग्रेस नेता हरीश चौधरी ने दो टूक शब्दों में कहा है कि किसी चरित्रहीन ताकतों से समझौता कर राजनीति में रहने से अच्छा संन्यास लेकर घर बैठ जाऊंगा ।
पूर्व विधायक एवं कांग्रेस नेता मेवाराम जैन की कांग्रेस में वापसी की अटकलें को लेकर प्रदेश की राजनीति में घमासान मचा हुआ है।
मेवाराम जैन पिछले दो दिनों से जयपुर में डेरा डाले हुए हैं, इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सहित कांग्रेस के बड़े नेताओं से मुलाकात कर पार्टी में वापसी का रास्ता ढूंढने में लगे हैं।

ऐसे में मेवाराम जैन की पूर्व सीएम से मुलाकात और पार्टी में वापसी की अटकलें के बीच बुधवार को बाड़मेर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस के कद्दावर नेता माने जाने वाले पूर्व कैबिनेट मंत्री और बायतु विधायक हरीश चौधरी ने किसी का नाम लिए बिना जुबानी हमला बोलते हुए कहा कि किसी चरित्रहीन व्यक्ति के साथ मिलकर राजनीति नहीं करूंगा चाहे इसके लिए घर बैठना मंजूर है लेकिन किसी चरित्रहीन ताकतों के साथ समझौता करके राजनीति में रहना उन्हें गवारा नहीं है।
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हरीश चौधरी इससे पहले भी नाम लिए बिना बोल चुके है जुबानी हमला
आपको बता दे की विधानसभा चुनाव में हार के बाद पूर्व विधायक मेवाराम जैन की मुश्किलें बढ़ना शुरू हो गई थी। सोशल मीडिया पर एक तथाकथित अश्लील वीडियो वायरल हुआ था।
जिसको लेकर दावा किया जा रहा था कि यह वीडियो पूर्व विधायक मेवाराम जैन का है इसके बाद पार्टी आलाकमान ने कार्यवाही करते हुए मेवाराम जैन को कांग्रेस से निष्कासित कर दिया था।
इसी दौरान जोधपुर के राजीव गांधी नगर पुलिस थाने में एक महिला ने दुष्कर्म एवं पोक्सो सहित कई धाराओं में मामला दर्ज करवाया था जिसकी चलते कुछ महीनो तक मेवाराम जैन सक्रिय राजनीति से गायब हो गए थे।
हालांकि कुछ समय पहले इस मामले में राजस्थान हाई कोर्ट ने मेवाराम जैन को बरी कर दिया था इसके बाद लगातार उनके सक्रिय राजनीति में वापसी के कयास लगाई जा रहे थे।
इसी दौरान लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को मिली जीत के बाद स्थानीय जिला कांग्रेस कार्यालय में आयोजित कार्यकर्ताओं की एक बैठक में हरीश चौधरी ने नाम लिए बिना जुबानी हमला बोलते कहा था बाड़मेर कांग्रेस को एक नेता ने अपने राजनीतिक हित साधने के लिए आरएसएस यानि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कदमों में डाल दिया है।
उन नेता के कुकर्मों के चलते आज कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता जनता के यहां वोट मांगने जाते हैं तो लोग बातें करते हैं कि कांग्रेस के कार्यकर्ता हमारे घर नहीं आने चाहिए क्योंकि हमारे घर बहन बेटियां हैं।
इस बयान के बाद से ही अटकलें का बाजार गर्म था कि पूर्व विधायक मेवाराम जैन वापसी के प्रयास कर रहे हैं लेकिन उनकी ही पार्टी के नेता वापसी पर बैरिकेड लगाने का काम कर रहे हैं।
कांग्रेस के कद्दावर नेता हैं हरीश चौधरी
हरीश चौधरी कांग्रेस के गद्दावर नेता है 2017 में पंजाब में कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार बनने की समय हरीश चौधरी पंजाब कांग्रेस के प्रभारी थे ।
कुछ समय बाद पंजाब की राजनीति में जब उठा पटक शुरू हुई तो हरीश चौधरी की ही रणनीति के विधायक दल की बैठक कर चरणजीत सिंह चन्नी को पंजाब का मुख्यमंत्री बनाया गया था।
पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष सुनील जाखड़ को हटाकर नवजोत सिंह सिद्धू को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर पंजाब कांग्रेस में पहले अशांति को शांत करवाया था।
हरीश चौधरी ऑल इंडिया कांग्रेस के सचिव रह चुके हैं और पूर्व में बाड़मेर जैसलमेर लोकसभा सीट से सांसद और लगातार दो बार से बाड़मेर की बायतु विधानसभा सीट से विधायक है ।
पिछली गहलोत सरकार में हरीश चौधरी कैबिनेट मंत्री बनाए गए थे हालांकि कुछ समय बाद पंजाब में हुए विधानसभा चुनाव में प्रभारी बनाए जाने के बाद एक व्यक्ति एक पद की पॉलिसी के तहत उन्होंने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।












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