घरवालों ने फ्री फायर गेम खेलने से रोका तो 14 साल का लड़का 737 KM दूर आ गया, लिख छोड़ा ये पत्र
पाली, 18 दिसम्बर। 'मम्मी-पापा, भैया, दीदी आप मुझे फ्री फायर गेम नहीं खेलने देते। मेरी कोई भी बात नहीं मानते हो। इसलिए में घर से 500 व हजार रुपए लेकर घर छोड़कर जा रहा हूं'

गुजरात के वापसी से लापता होकर पाली चला आया
यह उस पत्र उस लड़के का है, जो गुजरात के वापी से लापता होकर पाली चला आया। यह पत्र स्कूल बैग में छोड़कर 9 दिसम्बर वापी से गायब हुए बालक को पाली के रानी रेलवे स्टेशन मास्टर व प्वाइंटमैन की सजगता से सकुशल 6 दिन बाद मम्मी-पापा को सकुशल सौंपा गया। रानी रेलवे स्टेशन मास्टर विनोद कुमार ने बताया की गत शाम को प्वाइंटमैन किशनाराम स्टेशन परिसर में काम कर रहे थे। करीब 14 साल का भूखा प्यासा लड़का बार ट्रेन के बारे में पूछताछ कर रहा था तो उन्होंने इसकी जानकारी मुझे दी।

बच्चे को बुलाकर खाना खिलाया
दोनों ने मिलकर बच्चे को बुलाकर खाना खिलाया और पानी पिलाकर बच्चे से जानकारी जुटाई तो बालक गुजरात के वापी के पास डुगरापुर का रहने वाला निकला और स्कूल में अध्ययनरत होने के कारण स्कूल का नाम बताने पर स्कूल का नाम गुगल पर सर्च किया और स्कूल के व्यवस्थापक के नम्बर मिलने पर व्यवस्थापक व बालक दोनों की वीडियो काल पर बात करवाई गई। व्यवस्थापक ने वापी में बच्चे के गुम होने की जानकारी दी।

6 दिन तक काफी ढूढा
बालक के पिता भगवान यादव ने बताया कि उनका बेटा पुत्र अभिषेक उम्र 14 वर्ष जो गेट फलियां नियर केयर वेल इंग्लिश मीडियम स्कूल डुगरा से गायब हो गया था। उसे 6 दिन तक काफी ढूढ़ने के बाद भी नहीं मिल पाया था। स्टेशन मास्टर विनोद कुमार ने बताया कि वापी डुगला से गायब बच्चे से पहले भी समदड़ी से गायब होकर रानी पहुंचे बालक को रेलवे कमचारियों ने आपसी सहयोग से घर पहुंचाया था।

आनलाइन पढ़ाई करते-करते वह फ्री फायर गेम खेलना सीख गया
बालक अभिषेक के पिता भगवान यादव ने बताया कि लोकडाउन के बाद से ही आनलाइन पढ़ाई करते-करते वह फ्री फायर गेम खेलना सीख गया। कई बार गेम को डिलेट किया। मोबाइल को छुपाया। फिर भी गेम खेलने की लत छूट नहीं पाई और गेम खेलते-खेलते लड़का साइको बन गया।












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