भैंस के बच्चे पर झाड़ियों से निकलकर झपटा बाघ, देखिए फिर जंगल में भैंसों के झुंड ने क्या किया?
सवाई माधोपुर। राजस्थान में सवाई माधोपुर जिले के जंगल ऐसे हैं, जहां बाघ रहते हैं। यहां के रणथंभौर नेशनल पार्क में बाघों की तादाद 100 से भी ज्यादा बताई जाती है। यहां बाघों का इंसानों से सामना होता रहता है। कई बार तो बाघ उन क्षेत्रों में पहुंच जाते हैं इंसानी बस्तियां बसा ली गई हैं। वैसे यहां के बाघों को वन विभाग द्वारा संख्या के आधार नाम दिए गए हैं।

जंगल में बाघ ने किया पाड़े का शिकार
हाल ही में बाघ टी-58 ने एक भैंस के बच्चे (जिसे पाड़ा/कटरा कहा जाता है), का शिकार किया। पाड़ा जंगल में घास चरने गया था। तभी झाड़ियों में छिपे बाघ टी-58 की नजर पाड़े पर पड़ गई। फिर क्या था बाघ फौरन उस पर झपड़ पड़ा। वहां मौजूद पर्यटकों ने यह दृश्य देखा। मगर, किसी ने भी बाघ से भैंस के पाड़े को नहीं बचाया। लोगों ने बल्कि उस घटना को अपने कैमरों में रिकॉर्ड किया।

फिर भैंसों के झुंड को देखकर वापस लौटा
इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है। जिसमें बाघ पाड़े का चंद सेकेंड में शिकार करता नजर आ रहा है। वीडियो में दिख रहा है कि, उसके बाद भैंसों के झुंड़ को देखकर बाघ वहां से वापस घने जंगल में चला जाता है। फिर भैंसों का झुंड घायल पाड़े के आस-पास घूमता रहता है। जहां कुछ देर में भैंस के पाड़े की मौत हो गई।

पर्यटक इसे देखकर हो जाते हैं लट्टू
बाघ द्वारा पशुओं के शिकार की घटनाएं यहां आने वाले पर्यटकों को बहुत पसंद आती हैं। एक वनकर्मी ने बताया कि, बाघ टी-58 अक्सर रणथंभौर जोन नम्बर-10 में दिखाई देता है। इस समय जोन नम्बर-10 में यह पर्यटकों के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इसे यहां के युवा बाघों में गिना जाता है।












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