Virdharam Siyol Net Worth: कितने अमीर थे विरधाराम, मौत के बाद मैसेज-'कल चर्चा में थे, आज दुनिया में ही नहीं'
Virdharam Siyol Net Worth: राजस्थान के सोशल मीडिया में विरधाराम सियोल सुर्खियों में बने हुए हैं। वजह यह है कि पुलिस कार्रवाई के महज 19 घंटे बाद ही विरधाराम सियोल ने दुनिया को अलविदा कह दिया। उनके बारे में लिखा जा रहा है कि -जो कल तक चर्चा में थे, वो आज दुनिया में ही नहीं हैं।' विरधाराम सियोल राजस्थान में बाड़मेर के गांव गालाबेरी (Gala Beri) का रहने वाला था।
दरअसल, बाड़मेर पुलिस ने नशा तस्करी से अर्जित अवैध संपत्ति के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए 10 फरवरी को तस्कर विरधाराम सियोल की करोड़ों की संपत्ति फ्रीज की थी। अगले दिन सड़क हादसे में विरधाराम की मौत हो गई। बाड़मेर पुलिस ने पहली बार एनडीपीएस एक्ट 1985 की धारा 68एफ(2) के तहत कार्रवाई करते हुए विरधाराम के तीन मंजिला आलीशान मकान, 3 लग्जरी बसें और एक कार को जब्त किया है।
यह भी पढ़ें- Virdharam Siyol: राजस्थान में कौन था वीरधाराम सियोल, जिसके अंतिम संस्कार में उमड़ गया पूरा बाड़मेर

Virdharam Siyol Accident: विरधाराम सियोल की मौत कैसे हुई?
विरधाराम सियोल की मौत 11 फरवरी 2024 की सुबह कानपुर के पास एक सड़क हादसे में हुई थी। विरधाराम अपने पूर्वजों का श्राद्ध करने के लिए बिहार के गया जा रहा था। रास्ते में यात्रा के दौरान कानपुर के पास सुबह करीब 5 से 7 बजे के बीच उसकी स्विफ्ट कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में विरधाराम की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसके साथ यात्रा कर रहे अन्य लोग घायल हो गए। पुलिस की कार्रवाई और कारोबार में घाटे से वह मानसिक रूप से काफी परेशान था। 12 फरवरी को विरधाराम सियोल के अंतिम संस्कार में जनसैलाब उमड़ा।

Virdharam Siyol Smuggler: कैसे तस्करी के पैसे को सफेद कर रहा था विरधाराम?
तस्कर विरधाराम सियोल ने नशा तस्करी से अर्जित अवैध संपत्ति को वैध दिखाने के लिए पत्नी के नाम से वी.आर. सियोल कंस्ट्रक्शन कंपनी बनाई थी। इस कंपनी के जरिए वह अवैध कमाई को बिजनेस प्रोफिट के रूप में दिखाता था, ताकि उसका पैसा कानूनी रूप से वैध लग सके।
पुलिस ने छह महीने की लंबी जांच के बाद इस संपत्ति की पहचान की, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट से उसका ITR निकाला और आय के स्रोतों की गहन पड़ताल की। जांच में पाया गया कि 5 संपत्तियों का कोई वैध हिसाब नहीं था, जिसके बाद सक्षम प्राधिकारी और प्रशासक, NDPS एक्ट, नई दिल्ली ने संपत्ति को फ्रीज करने के आदेश दिए।
विरधाराम की कितनी संपत्ति फ्रीज की गई?
बाड़मेर पुलिस ने विरधाराम सियोल की कुल 13 संपत्तियों की जांच रिपोर्ट तैयार की थी। इनमें से 5 संपत्तियों को अवैध घोषित कर फ्रीज किया गया।
🔹 2 करोड़ का तीन मंजिला आलीशान मकान
🔹 3 लग्जरी बसें
🔹 1 क्रेटा कार
🔹 पत्नी के नाम बनी वी.आर. सियोल कंस्ट्रक्शन कंपनी
बाड़मेर पुलिस ने कैसे की विरधाराम सियोल पर कार्रवाई?
पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट 1985 के तहत केस तैयार किया।
आयकर विभाग से ITR और संपत्ति के दस्तावेज निकलवाए।
दोनों पक्षों (पुलिस और तस्कर) को सक्षम प्राधिकारी के सामने सुना गया।
5 संपत्तियों का कोई वैध स्रोत नहीं मिलने पर उन्हें फ्रीज कर दिया गया।
विरधाराम के खिलाफ कितने केस दर्ज थे?
विरधाराम सियोल 2012 से 2023 के बीच कुल 10 मामलों में आरोपी था। इसमें शामिल हैं:
- एनडीपीएस मामले (नशा तस्करी से जुड़े केस)
- मारपीट और हिंसा के केस
- अवैध हथियार रखने के केस
- चोरी की गाड़ी का मामला

विरधाराम सियोल की संपत्ति 45 दिन के लिए फ्रीज
विरधाराम सियोल की संपत्ति फिलहाल 45 दिनों के लिए फ्रीज की गई है। इस दौरान सक्षम प्राधिकारी के सामने अपील का प्रावधान है। अगर अपील खारिज होती है, तो यह संपत्ति सरकार के अधीन हो जाएगी और इसे नीलाम किया जा सकता है।
बाड़मेर पुलिस की ऐतिहासिक कार्रवाई
जोधपुर रेंज के आईजी विकास कुमार के "भौकाल अभियान" के तहत यह पहली बार हुआ है कि किसी तस्कर की अवैध संपत्ति को जब्त किया गया है। पुलिस की इस कार्रवाई से तस्करों को बड़ा संदेश गया है कि नशा तस्करी से अर्जित संपत्ति अब सुरक्षित नहीं रहेगी।
यह कार्रवाई बाड़मेर में मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ पुलिस की कड़ी कार्रवाई का संकेत है, जिससे भविष्य में इस गोरखधंधे पर लगाम लगने की उम्मीद है।
विरधाराम सियोल कौन था? (Who was Virdharam Siyol)
विरधाराम सियोल राजस्थान के बाड़मेर जिले का रहने वाला था, जो अवैध नशा तस्करी और अपराधों में लिप्त था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) और अन्य संगीन मामलों में 10 से अधिक केस दर्ज थे।
विरधाराम सियोल का आपराधिक रिकॉर्ड
नशा तस्करी: विरधाराम पर बड़े पैमाने पर डोडा-पोस्त, अफीम और अन्य मादक पदार्थों की तस्करी करने के आरोप थे।
अवैध संपत्ति: उसने नशे की कमाई से करीब 2 करोड़ की कोठी, 3 लग्जरी बसें और एक कार खरीदी थी, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया था।
शातिर तरीकों से पैसा सफेद करना: विरधाराम ने 'वी.आर. सियोल कंस्ट्रक्शन' नाम की कंपनी अपनी पत्नी के नाम पर बनाई थी ताकि तस्करी के पैसे को वैध दिखाया जा सके।
अन्य अपराध: उसके खिलाफ मारपीट, अवैध हथियार और गाड़ी चोरी जैसे मामलों में भी केस दर्ज थे।
अंतिम संस्कार और जनता की प्रतिक्रिया
विरधाराम की अंतिम यात्रा में हजारों लोगों की भीड़ उमड़ी। स्थानीय लोगों का कहना था कि वह समाज में मददगार था, लेकिन कानून के अनुसार, वह तस्कर था। सोशल मीडिया पर विरधाराम के आलीशान मकान और लग्जरी जीवनशैली की तस्वीरें वायरल हो गईं।












Click it and Unblock the Notifications