राजस्थान यूरिया संकट : ट्रक देखते ही टूट पड़े किसान, उठा ले गए खाद से भरी बोरियां
Pratapgarh News , प्रतापगढ़। राजस्थान में इस समय रबी की फसलों की बुवाई अंतिम दौर में है। मौसम अब तक किसानों का साथ दे रहा है, मगर प्रदेश में यूरिया के संकट ने किसानों की नींद उड़ा रखी है। इस बात का ताजा उदाहरण राजस्थान के प्रतापगढ़ में गुरुवार को देखने को मिला है। यहां यूरिया से भरा ट्रक पहुंचा तो किसान उस पर टूट पड़े और यूरिया से भरी बोरियां उठा ले गए।

पूरा राजस्थान यूरिया के संकट से जूझ रहा है। खाद की किल्लत से किसान खासे परेशान हैं। ऐसे में किसान खाद की बोरियां दिखते ही उन पर टूट पड़ते हैं। किसानों में यूरिया के लिए मारा-मारी मची हुई है। गुरुवार दोपहर को प्रतापगढ़ जिले के धरियावद के प्रतापगढ़ मार्ग से यूरिया खाद से भरा ट्रक गुजर रहा था, जो डीलर के पास पहुंचना था। ट्रक डीलर के पास पहुँचता, इससे पहले ही किसानों ने उसे रोक कर खाद उतारना शुरू कर दिया।

वहीं पर किसानों ने खाद की बोरियों का भुगतान किया और फिर बोरियां उतारने लगे। किसी ने एक-दो तो किसी ने तीन-तीन बोरियां उतार ली। प्रदेशभर में खाद को लेकर चलती मारा-मारी के बीच किसान कुछ इसी तरह परेशान हो रहे हैं। इतना कि ट्रक को डीलर तक पहुँचने देने से पहले ही उस पर टूट पड़ने को मजबूर हैं, हालाँकि इसके बाद भी किसानों का कहना है कि उन्हें पर्याप्त खाद नहीं मिल पा रही है। प्रदेश में खाद की किल्लत के चलते एक किसान के हाथ औसतन दो बोरियां आ रही हैं जबकि ये संख्या पांच होनी चाहिए।

राजस्थान में यूरिया संकट यह है वजह
( Urea crisis in Rajasthan) यूरिया की किल्लत को देखते हुए राजस्थान सरकार ने 21 दिसम्बर को केन्द्र सरकार को पत्र भेजा है, जिसमें लिखा है कि राजस्थान में रबी की सीजन 2018-19 के लिए कुल 12 लाख मै. टन यूरिया की आवश्यकता है। दिसम्बर 2018 तक प्रदेश में 7.64 लाख मै.टन यूरिया की आपूर्ति होने की उम्मीद थी, मगर 21 दिसम्बर तक 6.03 लाख मै.टन यूरिया ही उपलब्ध हो पाई है। आगामी दस दिन के लिए 1.60 लाख मै.टन की कमी खल रही है।












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