Lok Sabha Election: राजस्थान में भाजपा के मिशन 25 की राह में रोड़ा बनेगा यह निर्दलीय विधायक,देखिए क्यों ?
Lok Sabha Election Rajasthan: राजस्थान में भाजपा के राष्ट्रीय नेता से लेकर प्रदेशाध्यक्ष तक हर कोई 25 लोकसभा सीटों पर हैट्रिक के साथ क्लिन स्वीप करने का दावा कर रहे है।
लेकिन भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सीपी जोशी के गढ़ चित्तौड़गढ़ में ही भाजपा के मिशन पर पानी फिरता हुआ नजर आ रहा है। चर्चा है कि विधानसभा में निर्दलीय जीतकर विधायक बने चंद्रभान फिर से लोकसभा चुनाव लड़ सकते है।

लोकसभा चुनाव को लेकर संसदीय सीट चित्तौड़गढ़ की तस्वीर पूरी तरह अब तक भी साफ नहीं है। इसी बीच चित्तौड़गढ़ विधानसभा सीट पर निर्दलीय चुनाव लड़कर भाजपा को जमानत जप्त करने की स्थिति में लाने वाले निर्दलीय विधायक बने चंद्रभान सिंह आंकया ने बयान देकर राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है।
जिला परिषद की साधारण सभा की बैठक के बाद दिए बयान में निर्दलीय विधायक चंद्रभान सिंह ने कहा कि हम तो निर्दलीय हैं कार्यकर्ताओं की बैठक के बाद निर्णय करेंगे और यदि कार्यकर्ता कहते हैं तो 100% निर्दलीय चुनाव लोकसभा में लड़ेंगे।
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निर्दलीय विधायक का बयान सामने आने के बाद चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। हालांकि राजनीतिक सूत्रों का कहना है कि अंदरखाने केंद्रीय स्तर पर समझाइश करने का प्रयास लगातार जारी है।
निर्दलीय विधायक चंद्रभान सिंह का बयान सामने आने के बाद अब संभावना बढ़ गई है कि विधानसभा चुनाव के दौरान पूरे प्रदेश की चर्चित सीट बनी चित्तौड़गढ़ विधानसभा सीट अब लोकसभा में भी चर्चाओं का केंद्र बनने जा रही है।
उल्लेखनीय है कि 3 दिन पहले हुए हैं सरकार के अयोध्या दर्शन कार्यक्रम में शामिल निर्दलीय चार विधायकों में चित्तौड़गढ़ के विधायक चंद्रभान सिंह भी शामिल थे।
इसके बाद संभावना बढ़ गई थी कि लोकसभा चुनाव में चंद्रभान सिंह प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी के लिए कोई मुसीबत खड़ी नहीं करेंगे।
लेकिन उनका बयान सामने आने के बाद अब चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। वहीं दूसरी और कांग्रेस ने भी पिछले दो लोकसभा चुनाव से सबक लेते हुए चित्तौड़गढ़ लोकसभा सीट पर प्रत्याशी के रूप में मेवाड़ की किसान नेता की छवि रखने वाले और बड़े चेहरे के रूप में जाने जाने वाले पूर्व कैबिनेट मंत्री और सांसद रहे उदयलाल आंजना को प्रत्याशी बनाया है।
ऐसे हालातो में त्रिकोणीय संघर्ष होता है तो इसका नुकसान भाजपा को उठाना पड़ेगा। पूर्व में भी कांग्रेस के लोगों को भाजपा में शामिल करने के बाद प्रदेश संगठन को स्पष्टीकरण देना पड़ा था। ऐसे हालातो में निर्दलीय विधायक का बयान चर्चाओं का केंद्र बना हुआ है।
अब अगर निर्दलीय विधायक चंद्रभान सिंह लोकसभा चुनावों में भी निर्दलीय नामांकन दाखिल करते है तो यह पक्का है कि भाजपा प्रत्याशी और प्रदेशाध्यक्ष सीपी जोशी की मुश्किलें बढ़ना तो तय है ही लेकिन जीत का राह भी मुश्किल हो जाएगी।












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