किले से सैंकड़ों साल पुरानी तोप चोरी कर ले गए चोर, 3 करोड़ में बेचा
अजमेर। राजस्थान के अजमेर के फतेहगढ़ किले से जून महीने में एक ऐतिहासिक तोप चोरी हो गई थी। जिसका अब पुलिस ने खुलासा किया है। कीमती तोप चुराने के पीछे आरोपियों की लंबे समय तक की गई साजिश थी। इसके तहत 10 जून की रात्रि को आरोपी दो टेम्पो लेकर पहुंचे जहां आरोपियों ने किले के मुख्य गेट का ताला तोड़ते हुए अंदर प्रवेश किया। चोर लोहे के सामलों से तोप को लोहे की चेन से बांधकर घसीटते हुए गेट के बाहर लेकर आए। बाद में बाहर खड़े टेम्पो में लादकर ले गए। सरवाड़ पुलिस अजमेर साइबर सेल ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए ग्राम फतहगढ़ किले से चोरी तोप की वारदात में शामिल सभी 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

3 करोड़ में सौदा होने की सूचना
पुलिस को पिछले कुछ दिनों से फतहगढ़ किले से चोरी हुई तोप का अजमेर में एंटी तोप के नाम से 3 करोड़ में सौदा होने की सूचना लगी। तोप की कीमत ज्यादा होने से इसका सौदा होने में करीब डेढ़ माह का समय लग गया। संदिग्धों पर लगातार नजर रखने के बाद टीम ने बीती रात कार्यवाही करते हुए सबसे पहले सोयला निवासी रामस्वरूप पुत्र रामचन्द्र जाट को उसके खेत पर दबिश देकर दबोचा।

ब्लास्ट की सहायता से तोप का एक टुकड़ा तोड़ा और खरीदार को दिखाया
आरोपियों ने चोरी की तोप को रामस्वरूप जाट के खेत में मिट्टी में दबा दी। सौदा करते समय खरीदारों ने तोप देखनी चाही तो आरोपी कजोड खाती ने ब्लास्ट की सहायता से तोप का एक टुकड़ा तोड़ा और खरीदार को दिखाया।

पुलिस ने इन्हें किया गिरफ्तार
पुलिस ने सोराम पुत्र सूरजकरण जाट निवासी केरिया कला, घीसाराम पुत्र सूखा रेगर, जगदीश पुत्र छीतर गुर्जर, रामसिंह पुत्र छोटू सिंह बारी निवासी फतहग.ढ़, कजोड पुत्र सुगना खाती, रामस्वरूप पुत्र रामचन्द्र जाट निवासी सोयला, भैरूसिंह पुत्र नारायण सिंह राजपूत निवासी डबरेला आदि शामिल थे।












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