हिंसा के बाद करौली न्याय यात्रा में शामिल होने आए BJYM राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजस्वी सूर्या को पुलिस ने रोका
BJP Nyay Yatra in karauli : हिंसा के बाद करौली न्याय यात्रा में शामिल होने आए भाजयुमो राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजस्वी सूर्या को राजस्थान पुलिस ने रोका
करौली, 13 अप्रैल। राजस्थान में हिंसा प्रभावित करौली में भाजपा की न्याय यात्रा में शामिल होने आए भाजयुमो के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजस्वी सूर्या को राजस्थान पुलिस ने रास्ते में रोक लिया। बता दें कि बेंगलुरु से सांसद और भारतीय जनता पार्टी के युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजस्वी सूर्या भी राजस्थान पहुंचे हैं। करौली में प्रस्तावित न्याय यात्रा में हिस्सा लेने के लिए तेजस्वी सूर्या राजस्थान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया के लिए करौली रवाना हुए।

शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना संवैधानिक हक
करौली न्याय यात्रा में शामिल होने से पहले तेजस्वी सूर्या ने ट्वीट कर बताया कि करौली के रास्ते में दौसा में राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार ने भारी पुलिसबल तैनात किया है, जिससे बीजेपी की 'चलो करौली न्याय यात्रा' को रोका जा सके। वे शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना चाहते हैं और यह उनका संवैधानिक हक है।
चलो करौली!#ChaloKarauli pic.twitter.com/QkrhxFdjHK
— Tejasvi Surya (@Tejasvi_Surya) April 13, 2022
युवा मोर्चा को रोककर दिखाए
सूर्या ने आगे लिखा कि गहलोत सरकार युवा मोर्चा को रोककर दिखाए। हिंसा पीड़ितों से मिलकर तेजस्वी सूर्या ने कहा कि आज हम अशोक गहलोत के जंगल राज को देख रहे हैं। इस जंगल राज के खिलाफ युवा मोर्चा और बीजेपी पार्टी लगातार विरोध करती रहेगी।
हिंसा में घायल से मिले
तेजस्वी सूर्या ने यह भी लिखा कि 'हिंदू नववर्ष के दिन करौली में हिंदुओं के खिलाफ हुई हिंसा में घायल भाई अमित को आज जयपुर के एसएमएस अस्पताल में मिलने गया। अमित का दोष केवल इतना है कि वह अशोक गहलोत जी के राजस्थान में एक गर्वित हिंदू युवा है। युवा मोर्चा और भाजपा का पूरा परिवार अमित के साथ खड़ा है'
150 व्यक्तियों ने लाठी व डंडे लेकर हमला कर दिया
उल्लेखनीय है कि नव सवंत्सर पर करौली शहर में हिंदू संगठनों की ओर से शोभायात्रा निकाली गई थी। शोभायात्रा में डीजे पर बजते गानों और नारेबाजी से भड़के लोगों ने पथराव कर दिया था, जिससे हिंसा हुई थी।
डीजीपी एमएल लाठर ने बताया था कि रैली जब अल्पसंख्यक बाहुल्य क्षेत्र से गुजर रही थी तब रैली में शामिल लोगों ने नारेबाजी शुरू कर दी। इसके बाद आस-पास के मकानों व दुकानों से रैली में शामिल लोगों व पुलिस पर भारी पथराव शुरू हो गया। करीब 100-150 व्यक्तियों ने लाठी व डंडे लेकर हमला कर दिया। आगजनी व तोड़फोड़ से दोनों पक्षों के करीब 80 से अधिक व्यक्तिों की सम्पत्ति को नुकसान हुआ। इस वजह से राजस्थान के कई शहरों में धारा 144 लागू की गई थी।












Click it and Unblock the Notifications