Video: टीचर्स के हौसले के आगे नहीं टिक पाया कोरोना, तपती गर्मी में घर-घर पहुंच बांट रहे शिक्षा

जयपुर, 09 जुलाई। कोरोना वायरस महामारी की वजह से स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों की शिक्षा पर काफु बुरा प्रभाव पड़ा है। कोविड के आगमन से ही देशभर के स्कूल प्रतिबंधों में छूट मिलने तक बंद हैं, छात्रों को ऑनलाइन क्लास के माध्यम से पढ़ाया जा रहा है। लेकिन उन बच्चों का क्या जो टेक्नोलॉजी तो दूर, मूलभूत सुविधाओं से भी अछूते हैं। देश में कई ऐसे इलाके हैं जहां इंटरनेट की सुविधा ना होने की वजह से बच्चों को ऑनलाइन क्लास अटेंड करने में दिक्कते आ रही हैं, राजस्थान के बाड़मेर के आस-पास के ग्रामीण इलाकों का भी कुछ ऐसा ही हाल है।

भीषण गर्मी में बच्चों को पढ़ाने घर-घर जाते हैं टीचर्स

भीषण गर्मी में बच्चों को पढ़ाने घर-घर जाते हैं टीचर्स

भला हो बाड़मेर के उन टीचर्स का जिन्होंने ऐसे बच्चों को पढ़ाने के लिए एक अनोखे अभियान की शुरुआत की है। दरअसल, नेटवर्क की दिक्कतों के चलते बच्चे ऑनलाइन क्लास नहीं ले पा रहे हैं, जिससे उनके शिक्षा भी प्रभावित हो रही है। बच्चों की इस परेशानी को बाड़मेर के शिक्षकों ने गंभीरता से लिया और एक सराहनीय अभियान की शुरुआत की। इस कैंपेन के तहत टीचर्स खुद ग्रमीण इलाकों में रह रहे बच्चों तक पहुंचते हैं और उन्हें पढ़ाते हैं।

सोशल मीडिया पर हुई तारीफ

सोशल मीडिया पर हुई तारीफ

अपनी जिम्मेदारियों के प्रति बाड़मेर के टीचर्स की इस गंभीरता और समर्पण को देख सोशल मीडिया पर लोग उनकी तारीफों में कसीदे पढ़ रहे हैं। इटरनेट पर कई तस्वीरें सामने आईं है जिसमें देखा जा सकता है कि शिक्षण ऊंट पर बैठकर तपती गर्मी में बच्चों को पढ़ाने गांव-गांव जा रहे हैं। बच्चों को पढ़ाने के लिए इस अभियान की शुरुआत गवर्नमेंट हायर सीनियर स्कूल भीमथल के प्रिंसिपल रूपसिंह जाखड़ और कुछ शिक्षकों ने मिलकर की है।

कक्षा 1 से 12 तक के छात्रों को पढ़ाने जाते हैं टीचर्स

कक्षा 1 से 12 तक के छात्रों को पढ़ाने जाते हैं टीचर्स

प्रिंसिपल रूपसिंह जाखड़ ने अपने साथ अभियान में शामिल टीचर्स की तारीफ करते हुए कहा, 'मैं शिक्षकों की इस टीम को सलाम और धन्यवाद करता हूं, इस अभियान को आगे भी जारी रखा जाएगा। हम सब की यही कोशिश रहेगी की।' राजस्थान शिक्षा विभाग के निदेशक सौरव स्वामी ने कहा, 75 लाख छात्रों में से कई के पास मोबाइल फोन नहीं है। इसलिए राज्य सरकार ने फैसला किया कि शिक्षक सप्ताह में एक बार कक्षा 1-8 के लिए और सप्ताह में दो बार कक्षा 9-12 के बच्चों को पढ़ाने के लिए उनके घर जाएंगे।

बच्चों में बांट रहे पढ़ाई संबंधी जरूरी सामान

बच्चों में बांट रहे पढ़ाई संबंधी जरूरी सामान

बच्चों को पढ़ाने उनके घर जाते टीचर्स का एक वीडियो भी सामने आया है जो काफी वायरल हो रही है। वीडियो में देखा जा सकता है कि कुछ शिक्षक ऊंट पर तो कुछ पैदल ही छात्रों के घरों तक पहुंच रहे हैं। वह सिर्फ बच्चों को पढ़ा नहीं रहे बल्कि कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए मास्क और सैनेटाइजर के साथ-साथ कॉपी, किताबें,पेंसिल और पेन समेत अन्य जरूरी सामना विद्यार्थियों में बांट रहे हैं। इंटरनेट पर इन टीचर्स की यूजर्स खूब तारीफ कर रहे हैं।

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