2019 चुनाव में पीएम मोदी का भी रिकॉर्ड तोड़ देने वाले MP का टिकट कटा, BJP ने भीलवाड़ा से किसे चुना उम्मीदवार?
लोकसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी ने राजस्थान में बची एकमात्र भीलवाड़ा सीट पर भी रविवार को प्रत्याशी घोषित कर दिया है। भीलवाड़ा से बीजेपी ने प्रदेश महामंत्री दामोदर अग्रवाल को प्रत्याशी बनाया है। मौजूद सांसद सुभाष बहेड़िया का टिकट काट दिया गया है।
दिलचस्प बात ये है कि पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा को सबसे बड़ी जीत इसी सीट पर मिली थी। लोकसभा चुनाव 2019 में भीलवाड़ा से सुभाष बहेड़िया ने रिकॉर्ड मतों से जीत दर्ज की थी। उनकी यह जीत राजस्थान ही नहीं बल्कि पूरे देश में सबसे बड़ी थी।

सुभाष बहेड़िया ने सबसे ज्यादा मतों से जीत दर्ज करने के मामले में पीएम मोदी का भी रिकॉर्ड तोड़ दिया था। पीएम मोदी 2019 लोकसभा चुनाव में वाराणसी सीट पर 4.75 लाख मतों के अंतर से जीते थे। जबकि सुभाष बहेड़िया ने कांग्रेस के रामपाल शर्मा को 6 लाख 11 हजार 460 वोटों से हराया था।
आपको बता दें कि भाजपा ने इससे पहले 24 लोकसभा सीटों पर अपने प्रत्याशी घोषित कर दिए थे। लेकिन भीलवाड़ा सीट को बीजेपी ने होल्ड कर रखा था। लेकिन जब कांग्रेस ने टिकट में बदलाव करते हुए दामोदर गुर्जर के बदले सीपी जोशी को उतारा तो बीजेपी ने भी पत्ते खोलते भीलवाड़ा सीट से दामोदर अग्रवाल को अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया।
क्यों कटा सुभाष बहेड़िया का टिकट?
सुभाष बहेड़िया पर आरोप है कि उन्होंने विधानसभा चुनाव में विट्ठल शंकर अवस्थी का साथ नहीं दिया। विधानसभा चुनाव में निर्दलीय अशोक कुमार कोठरी चुनाव जीत गए थे। हाल ही में भीलवाड़ा के निर्दलीय विधायक अशोक कोठारी समेत जिले के छह विधायकों ने प्रदेश महामंत्री दामोदर अग्रवाल को सांसद का टिकट देने की अनुशंसा की थी। सांसद सुभाष बहेड़िया की जगह दामोदर अग्रवाल को टिकट दिलाने की अनुशंसा वाला ये पत्र वायरल हो गया था।
कौन हैं दामोदर अग्रवाल?
दामोदर अग्रवाल पिछले 50 वर्षों से आरएसएस व भाजपा के जमीनी कार्यकर्ता रहे हैं। वे इमरजेंसी को दौरान जेल में बंदी भी रहे थे। दामोदर अग्रवाल संघ के तीन वर्ष प्रचारक, पांच साल जिला महामंत्री, दो बार जिलाध्यक्ष से लेकर संभाग प्रभारी व प्रदेश महामंत्री की भूमिका में रह चुके हैं। दामोदर अग्रवाल ने लोकसभा चुनाव लड़ने की इच्छा भी जताई थी।












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