Silver Price Rise Impact: आसमान छू रही चांदी की कीमतों से राजस्थान के जेवर कारोबारी सहमे, समझें क्यों?
Silver Price Rise Impact: राजस्थान का चांदी जेवर उद्योग देश के सबसे बड़े पारंपरिक आभूषण उद्योगों में गिना जाता है। जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, उदयपुर और चित्तौड़गढ़ जैसे शहर चांदी के गहनों के बड़े केंद्र हैं। हाल के महीनों में चांदी की कीमतों में तेज़ उछाल से जेवर कारोबारी सहम गए हैं। 25 जनवरी 2026 को भारत में चांदी की औसत कीमत ₹3,35,000 प्रति किलोग्राम के आसपास बनी हुई है।
25 जनवरी 2025 से 25 जनवरी 2026 के बीच चांदी की कीमतों में लगभग 300% की बढ़ोतरी हुई है। जनवरी 2025 में चांदी का भाव लगभग ₹84,792 प्रति किलोग्राम था। जनवरी 2026 का भाव लगभग ₹3,35,000 प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया है। कीमतों में हुए इजाफा से राजस्थान का पारंपरिक चांदी के जेवर कारोबार पर बड़ा असर पड़ा है।

Silver Price Rise Impact: जेवरों के उत्पादन लागत में भारी वृद्धि
उद्योग से जुड़े कारीगरों और व्यापारियों ने बताया कि चांदी की कीमतें बढ़ने की वजह से जेवरों के उत्पादन लागत भी बढ़ गई है। कुल लागत में चांदी की हिस्सेदारी 60-70% होती है। कीमतें बढ़ने से जेवर बनाने की लागत औसतन 25-35% तक बढ़ गई है। छोटे कारीगरों के लिए मुनाफा निकालना मुश्किल हो गया है। कीमतों में भारी इजाफे की वजह से आम लोगों के लिए अब भारी चांदी के जेवर खरीदना भी काफी मुश्किल हो गया है।
Silver Price Rise: मांग में 15-20% तक गिरावट
महंगे गहनों की वजह से उपभोक्ता खरीदारी में कटौती कर रहे हैं। स्थानीय बाजारों में चांदी जेवर की मांग में 15-20% तक की गिरावट दर्ज की जा रही है। ग्राहक अब हल्के वजन और सिंपल डिजाइनों की ओर शिफ्ट हो रहे हैं। कारोबारियों का कहना है कि बहुत हल्के और बजट जेवरों में मुनाफे का मार्जिन पहले ही कम होता है। ऐसे में पारंपरिक कारोबारियों को अब मुनाफे के लिए नए विकल्पों की ओर शिफ्ट करना पड़ेगा।
Silver Price Update: शादी-त्योहार के सीजन में भी असर
- पहले शादी और त्योहारों के मौसम में बिक्री में 30-40% उछाल आता था। इस बार वृद्धि केवल 10-15% तक सीमित रही। महंगाई के कारण लोग बजट में ही खरीदारी कर रहे हैं।
- राजस्थान में करीब 3-4 लाख लोग इस उद्योग से जुड़े हैं। ऑर्डर घटने से कई जगह कारीगरों की मजदूरी 10-15% तक कम हुई है। कुछ इकाइयों ने अस्थायी रूप से उत्पादन भी घटाया है।
Silver Price Impact: राजस्थान के निर्यात उद्योग पर असर
राजस्थान से चांदी के जेवर का सालाना निर्यात लगभग 8-10 हजार करोड़ रुपये का है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बढ़ी हुई कीमतों से अंतर्राष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धा कमजोर हुई है और ऑर्डर 10-12% तक घटे हैं। व्यापारी अब हल्के डिजाइन, मिश्र धातु (एलॉय) और डिजाइन-आधारित प्रीमियम सेगमेंट पर फोकस कर रहे हैं। ई-कॉमर्स और सोशल मीडिया के जरिए बिक्री बढ़ाने की कोशिशें भी तेज हुई हैं।
चांदी की कीमतों में बढ़ोतरी ने राजस्थान के चांदी जेवर उद्योग पर सीधा असर डाला है। लागत बढ़ी है, मांग घटी है और मुनाफा दबाव में है। हालांकि, डिजाइन और मार्केटिंग रणनीति में बदलाव से उद्योग इस चुनौती को अवसर में बदल सकता है। फिलहाल आम लोगों के लिए चांदी और सोना दोनों ही खरीदना काफी मुश्किल साबित हो रहा है।












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