Kota में 18 वर्षीय कोचिंग स्टूडेंट को Silent Heart Attack, 5 मिनट में हो गई 2 बहनों के इकलौत भाई की मौत
गुजरात के जामनगर में हार्ट रोग विशेषज्ञ डॉ. गौरव गांधी की 41 साल की उम्र में हार्ट अटैक से मौत के बाद अब कोटा में कोचिंग छात्र को साइलेंट अटैक से मौत का मामला भी हर किसी को चौंका रहा है।

राजस्थान की शिक्षा नगरी कोटा में कोचिंग स्टूडेंट की संदिग्धवस्था में मौत हो गई। मौत की शुरआती वजह साइलेंट हार्ट अटैक माना जा रहा है। मृतक परितोष की उम्र महज 18 साल थी। वह दो बहनों का इकलौता भाई था। पिता किसान हैं।
इनती कम उम्र में साइलेंट हार्ट अटैक के मामले ने डॉक्टरों को चौंका दिया है। परिजन भी सदमे में हैं। उनके मुताबिक बेटे परितोष को कभी कोई बीमारी नहीं हुई थी। साइलेंट अटैक से उसकी महज 5 मिनट में ही मौत हो गई। इलाज करवाने का भी मौका नहीं मिला।
दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक कोटा मेडिकल कॉलेज के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. भंवर रणवा कहते हैं कि 20 से कम की उम्र में साइलेंट हार्ट अटैक का खतरा न के बराबर होता है। ऐसा अभी तक एक भी केस नहीं आया। परितोष के मामले में पैथोलॉजी सेंपल रिपोर्ट आने पर पूरी जानकारी मिल सकेगी।
डॉ. भंवर रणवा यह भी आशंका व्यक्त करते हैं कि कोचिंग स्टूडेंट परितोष को कोई जन्मजात बीमारी हो। कभी टेस्ट नहीं करवाने पर पता नहीं चल पाया हो। साइलेंट अटैक में दिल काम करना बंद कर देता है तो ब्रेन इंजरी हो जाती है और व्यक्ति महज 2 मिनट में ब्रेन डेड की स्थिति में पहुंच जाता है।
कोचिंग स्टूडेंट की मौत की सूचना पर डीएसपी हर्षराज खरेड़ा ने मौका मुआयना किया। पता चला कि बुधवार को पौने आठ बजे परितोष पहली मंजिल पर रूम पार्टनर आनंद के साथ था। आनंद किसी काम से नीचे चला गया। वापस आया तो गेट पर परितोष अचेत पड़ा था। उसके हाथ में मग्गा था। वह संभवतया नहाने की तैयारी कर रहा था। इस बीच उसकी मौत हो गई।
परितोष के मामा राजदेव बताया कि उनका भांजा पश्चिम बंगाल से पढ़ाई करने कोटा आया था। उसके शरीर पर चोट के कोई निशान नहीं मिले हैं। ना ही उसे कोई बीमारी थी। डॉक्टर ने पर्ची पर लिखा है कि उसकी मौत हार्ट बंद होने के कारण हुई है। उसके पिता हार्ट के पेशेंट हैं। बेटे की मौत की सूचना पर वे आए, मगर एयरपोर्ट से ही वापस लौट गए।












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