Sikkim Rain Landslides: सिक्किम में फंसे 2000 पर्यटक, राजस्थान के 15 लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया
Sikkim Flood: उत्तर भारत जहां भीषण गर्मी की चपेट में वहीं, सिक्किम में बाढ़ के हालात बने हुए हैं। लगातार बारिश और लैंडस्लाइड के कारण सिक्किम में करीब दो हजार पर्यटकों के फंसे होने की जानकारी सामने आई है। इनमें राजस्थान के पर्यटक भी बड़ी संख्या में शामिल हैं।
खबर है कि सिक्किम में फंसे पर्यटकों में राजस्थान के बांसवाड़ा, जयपुर, जोधपुर और अजमेर जिले के 15 लोग बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंस गए थे, जिन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

राजस्थान पत्रिका में छपी खबर के अनुसार सिक्किम में फंसे पर्यटक चार दिन से आईटीबीपी के कैंप में भी शरण लिए हुए हैं। बांसवाड़ा के दो परिवारों के सात लोग खासी मुश्किल में हैं। बांसवाड़ा के हाउसिंग बोर्ड से सुरेश पंचाल, उनकी पत्नी व तीन बच्चे कैंप से दो-तीन किलोमीटर दूर एक गुरुद्वारे में रुके हुए हैं। इनके साथ वहां सैकड़ों लोग हैं, जो लंगर के भरोसे दिन काट रहे हैं।
भारी बारिश व लैंडस्लाइड के कारण उत्तरी सिक्किम पूरी तरह से तबाह हो गया। स्थानीय प्रशासन के साथ-साथ एनडीआरएफ की टीमें भी पर्यटकों को बाढ़ प्रभावित इलाकों से निकालने की कोशिश कर रही है। मंगन से लाचुंग तक कई जगहों पर लैंडस्लाइड से सड़क परिवहन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। पर्यटकों को रेस्क्यू करने के लिए हेलिकॉप्टर भी तैयार हैं, लेकिन खराब मौसम के कारण एयरलिफ्ट करना संभव नहीं हो पा रहा है।
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खबर है कि मंगलवार को पश्चिम बंगाल व सिक्किम बॉर्डर पर ऋषिखोला में नेशनल हाईवे-10 पर यातायात बाधित हो गया। बारिश थमने का नाम नहीं ले रही और भूस्खलन के कारण सिक्किम के मंगन जिले के सभी स्कूलों को बंद करने का आदेश दिया गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग 10 फिर से ध्वस्त हो गया है। सिक्किम का पश्चिम बंगाल से संपर्क टूट गया है।
बता दें कि सोमवार दोपहर को मंगन जिले के तूंग में फंसे पर्यटकों को रेस्क्यू करने वाली टीम को मंगन जिला कलेक्टर हेम कुमार छेत्री ने लीड किया। वलुखोला और लिखुवीर इलाकों में राष्ट्रीय राजमार्ग पर बड़ी चट्टानें गिर गईं हैं, जिससे सड़क यातायात के लिए पूरी तरह से बंद हो गया। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) व जिला प्रशासन की टीमों ने दिन-रात मेहनत करके सड़क मार्ग को ठीक किया।












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