• search
राजस्थान न्यूज़ के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  

RakshaBandhan 2019 : इकलौते भाई को मौत के मुंह से निकाल लाई बहन, खुद की जान की नहीं की परवाह

|

सीकर। पूरा देश आज रक्षाबंधन 2019 पर्व मना रहा है। बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रक्षासूत्र बांधकर उनकी दीर्घायु की कामना कर रही हैं। रक्षाबंधन के मौके पर जानिए एक ऐसी बहन के बारे में जिसने खुद मौत के मुंह में जाकर भाई को नई जिंदगी दे दी। भाई कोमा में था और उसका बचना मुश्किल हो रहा था।

Sikar sister anju donate liver to her brother dharmendra

चिकित्सकों ने लीवर ट्रांसप्लांट की आवश्यकता जताई तो इकलौते भाई की जिंदगी बचाने में बहन आगे आई और उसने अपना लीवर दिया। भाई बहन के अटूट स्नेह की कहानी राजस्थान के सीकर की है। सीकर में नवलगढ़ रोड स्थित किसान कॉलोनी में रहने वाली अंजू ने झुंझुनूं जिले के चूड़ी अजीतगढ़ निवासी धर्मेन्द्र को 70 फीसदी लीवर देकर जिंदगी का तोहफा दिया है।

सीकर में ऐसी थी आजादी की पहली सुबह, जानिए 15 अगस्त 1947 को क्या-क्या हुआ, किसने फहराया तिरंगासीकर में ऐसी थी आजादी की पहली सुबह, जानिए 15 अगस्त 1947 को क्या-क्या हुआ, किसने फहराया तिरंगा

हुआ यूं कि धर्मेन्द्र अजमेर जेल में बतौर चालक पद पर कार्यरत था। आठ साल पहले उसकी तबीयत बिगड़ गई तो वह इलाज करवाने सीकर में अपनी बहन अंजू के पास आ गया। बहन व बहनोई रघुवीर सिंह ने उसका इलाज करवाया। सीकर में तबीयत में सुधार नहीं हुआ तो उसे जयपुर निजी अस्पताल में भर्ती करवाया, जहां चिकित्सकों ने लीवर फेल हो जाने की बात कही और लीवर ट्रांसप्लांट की आवश्यकता जताई।

Sikar sister anju donate liver to her brother dharmendra

फिर यहां से धर्मेन्द्र को दिल्ली ले जाया गया। चिकित्सकों के अनुसार बिना लीवर ट्रांसप्लांट किए उसके बचने की महज एक फीसदी उम्मीद थी। ऐसे में बहन अंजू ने लीवर डोनेट करने का फैसला लिया। 16 डॉक्टरों की टीम ने 12 घंटे चले ऑपरेशन में लीवर ट्रांसप्लांट किया। ऑपरेशन के बाद भाई-बहन स्वस्थ हैं। भाई धर्मेन्द्र का कहना है कि जीवनदान जैसे बड़े तोहफे के मुकाबले बहन को देने के लिए मेरे पास कोई उपहार नहीं है। बस भगवान से यह ही प्रार्थना है कि हर भाई को ऐसी ही बहन मिले और भाई-बहन का यह प्यार हमेशा ऐसे ही बना रहे।

Sikar sister anju donate liver to her brother dharmendra

मीडिया से बातचीत में अंजू ने बताया कि पिता के देहांत के बाद वह अपने इकलौते भाई को खोना नहीं चाहती थी। खुद के 14 वर्षीय बेटी तथा 11 वर्षीय बेटा होने के बावजूद वह भाई को बचाने के लिए तैयार हो गई। अंजू का कहना है कि उस परिस्थिति में परिवार का सहयोग मिलना उसके लिए बड़ी बात थी।

<strong>प्रेमी के साथ जा रही गर्भवती प्रेमिका का किडनैप कर 5 युवकों ने रात में 11 बार किया दुष्कर्म, भ्रूण हुआ नष्ट</strong>प्रेमी के साथ जा रही गर्भवती प्रेमिका का किडनैप कर 5 युवकों ने रात में 11 बार किया दुष्कर्म, भ्रूण हुआ नष्ट

English summary
Sikar sister anju donate liver to her brother dharmendra
देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X