Sikar bride Kidnap Case: दुल्हन हंसा की वापसी में मेहंदी रचे हाथों ने निभाई सबसे बड़ी भूमिका, जानिए कैसे?
Sikar News सीकर। किसी भी अपराध के खुलासे में एक छोटा सा सुराग ही कई बार बड़ी भूमिका निभा जाता है। कुछ ऐसा ही राजस्थान के सीकर जिले के दुल्हन अपहरण केस (Sikar Bride Kidnap Case) में हुआ है। दुल्हन हंसा के मेहंची रचे हाथों ही उसकी तलाश में सबसे बड़ी भूमिका निभा गए।

गेस्ट हाउस में बाहर ताला लगा मिला
हुआ यूं कि 16 अप्रैल को सीकर जिले के धोद से अपहरण करने के बाद अंकित व विकास दुल्हन हंसा को जयपुर होते हुए देहरादून ले आए थे। यहां पर तीनों एक गेस्ट हाउस में रुके। इधर, इनके मोबाइल की लोकेशन के आधार पर सीकर जिले के अजीतगढ़ एसएचओ सवाई सिंह शेखावात, कांस्टेबल मुकेश व ब्रजेश की टीम भी इनके पीछे-पीछे देहरादून के लिए रवाना हो गई थी। सीकर पुलिस तीन दिन तक देहरादून के होटल, धर्मशाल और ढाबों को खंगालती रही। पुलिस उस गेस्ट हाउस तक भी पहुंच गई थी, मगर उसके बाहर से ताला लगा मिलने के बाद उस समय सफलता हाथ नहीं लगी। पुलिस ने देहरादून (Dehradun) में आर्य समाज व वकीलों से सम्पर्क कर उन्हें मामले की सूचना दी थी।

वकील में हाथों में मेहंदी देख दी सूचना
इस बीच 20 अप्रैल को देहरादून के एक वकील ने कोर्ट आस-पास अंकित, विकास व हंसा को देखा। हंसा के हाथों में ताजा मेहंदी लगे होने पर उसे शक हुआ और उसने पुलिस को सूचना कर बताया कि दो युवक एक युवती को कहीं ले जा रहे हैं। पुलिस ने उसे वाटसअप पर तीनों की तस्वीर भेजकर पहचान पुख्ता की और उनके पहुंचने तक नजर रखने को कहा। स्थानीय पुलिस से मदद मांगी गई।

दुल्हन मां के साथ गई, आरोपी जेल में
दुल्हन हंसा को उसकी मर्जी से मां के साथ भेज दिया गया जबकि आरोपी अंकित व विकास को मंगलवार को न्यायालय में पेश कर जेल भिजवा दिया गया है। न्यायालय में पेश करने से पहले पुलिस ने आरोपियों की मेडिकल जांच भी करवाई। कल इन दोनों आरोपियों की शिनाख्त परेड करवाई जा सकती है। इस मामले में चार आरोपी पूर्व में ही पकड़े जा चुके हैं। ये चारों वारदात के बाद धोद में छिप गए थे।

सीकर दुल्हन अपहरण केस
-15 अप्रैल : सीकर के धोद पंचायत समिति के गांव नागवा के एक व्यक्ति की दो बेटी सोनू व हंसा की थी। बारात मोरडूंगा गांव से आई।
-16 अप्रैल : तड़के दुल्हन सोनू व हंसा की विदाई हुई। दोनों बहन दूल्हों के साथ कार में सवार होकर ससुराल जा रही थी।
-घर से 4 किमी चलने के बाद गांव रामबक्सपुरा के बस स्टैण्ड पर अंकित व उसके साथ कार रुकवाई और दूल्हन हंसा का अपहरण किया।
-17 अप्रैल : दूल्हन के अपहरण की सूचना से राजपूत समाज आक्रोशित हो गया। उदयपुरवाटी विधायक राजेन्द्र सिंह गुढ़ा ने देर शाम आत्मदाह का प्रयास किया।
-18 व 19 अप्रैल : राजपूत समाज के लोगों ने दुल्हन के बरामगी की मांग को लेकर राजपूत छात्रावास के सामने धरना शुरू जारी रहा।
-20 अप्रैल : राजपूत समाज की ओर से पुलिस को दिया अल्टीमेटम समाप्त होने पर समाज के लोगों ने विधायक गुढ़ा व राष्ट्रीय करणी सेना के सुखदेव सिंह गोगामेड़ी के नेतृत्व में प्रदर्शन किया। शाम को देहरादून में अंकित, हंसा व विकास के मिल जाने की खबर आई।












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