Shyam Sundar Bishnoi : किसान के बेटे की 12 बार लगी सरकारी नौकरी, बड़ा अफसर बनकर ही माना
बीकानेर। पढ़-लिखकर अफसर बनने का ख्वाब तो हर कोई युवा देखता है। अफसर बनने से पहले अगर वह एक बार भी सरकारी नौकरी लग जाता है तो उसी में जिंदगी खपा देता है, मगर इस मामले में श्याम सुंदर बिश्नोई की कहानी सबसे जुदा और युवाओं को प्रेरित करने वाली है। किसान का यह बेटा सरकारी नौकरी पर नौकरी लगता गया और अपने ख्वाब को पूरा करने के लिए लगी लगाई सरकारी नौकरी छोड़ता गया, लेकिन मेहनत करना तब तक नहीं छोड़ा जब तक बड़ा अफसर नहीं बन गया।

चित्तौड़गढ़ एसडीएम का साक्षात्कार
हम बात कर रहे हैं राजस्थान के बीकानेर जिले के खाजूवाला विधानसभा क्षेत्र के गांव गुलुवाली के श्याम सुंदर बिश्नोई की। सामान्य घर से ताल्लुक रखने वाले श्याम सुंदर मेहनत और कामयाबी की मिसाल हैं। वर्तमान में चित्तौड़गढ़ के एसडीएम हैं। वन इंडिया हिंदी से बातचीत में श्याम सुंदर बिश्नोई ने बयां किया अपने खेत में काम करने से लेकर राजस्थान प्रशासनिक सेवा (आरएएस) के अधिकारी बनने का तक का सफर।

श्याम सुंदर बिश्नोई अब तक लगे ये नौकरी
1. कांस्टेबल सीआईडी (राजस्थान पुलिस)
2. पटवारी, राजस्व मंडल
3. शिक्षक ग्रेड तृतीय (सामाजिक विज्ञान)
4. शिक्षक ग्रेड द्वितीय (अंग्रेजी)
5. सब इंस्पेक्टर, राजस्थान पुलिस
6. अधिशासी अभियंता, नगर पालिका
7. स्कूल व्याख्याता (भूगोल)
8. जिला परिवहन अधिकारी (डीटीओ)
9. ग्राम सेवक
10.कॉपरेटिव इंस्पेक्टर
11. असिस्टेंट प्रोफेसर (कॉलेज शिक्षा)
12. आरएएस अधिकारी

श्याम सुंदर बिश्नोई का जीवन परिचय
श्याम सुंदर बिश्नोई का जन्म 7 फरवरी 1988 को खाजूवाला के गांव गुलुवाली के धूड़ाराम बिश्नोई व सुशीला देवी के घर में हुआ। गांव के सरकारी स्कूल से शुरुआती शिक्षा करने के बाद बीकानेर के महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय से स्नातक व भूगोल, इतिहास में एमए फिर बीएड किया। ये भूगोल विषय से नेट भी कर चुके हैं। आरएएस परीक्षा 2016 में 14वीं रैंक हासिल की। आरएएस में यह इनका चौथा प्रयास था।

श्याम सुंदर बिश्नोई का परिवार
श्याम सुंदर के पिता धूड़ाराम किसान हैं। खेती करके बेटे को पढ़ाया-लिखाया और काबिल बनाया। खुद भी पिता के साथ खेती करते थे। इनके दो भाई संदीप कुमार, पवन व एक बहन सुमित्रा है। छोटा संदीप कुमार राजस्थान पुलिस में कांस्टेबल है, जो वर्तमान में बीकानेर में तैनात है। वहीं, दूसरा भाई पवन प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियों में जुटा है। श्याम सुंदर की शादी मनीषा बिश्नोई से हुई है। मनीषा ने एमए, बीएड व एलएलबी कर रखी है। इनके तीन साल की बेटी मनस्वी है।

आईपीएस प्रेमसुख डेलू हैं प्रेरणा स्रोत
श्याम सुंदर बिश्नोई बताते हैं कि वे आईपीएस अधिकारी प्रेमसुख डेलू को अपना प्रेरणास्रोत मानते हैं। उनकी पढ़ाई के प्रति लगन और आगे बढ़ने की ललक ने इन्हें प्रेरित किया। दोनों ने बीकानेर में रूम किराए पर लेकर साथ ही पढ़ाई पूरी की। डेलू वर्तमान में गुजरात के अम्बरेली में बतौर एसपी तैनात हैं। प्रेमसुख डेलू रिश्ते में इनके चचेरे भाई भी लगते हैं। डेलू की दादी श्याम सुंदर के पिता की बुआ हैं।

पांच नौकरी ज्वाइन ही नहीं की
श्याम सुंदर बिश्नोई का लक्ष्य अफसर बनने का था, मगर इस बीच कई प्रतियोगी परीक्षाएं दी ताकि खुद की तैयारी के स्तर को परखाकर उसमें सुधार कर सकें। वर्ष 2011 में कांस्टेबल से वर्ष 2016 में आरएएस अधिकारी के दौरान 12 बार सरकारी नौकरी लगी। इनमें से सिर्फ कांस्टेबल, शिक्षक ग्रेड द्वितीय, अधिशासी अभियंता नगरपालिका और डीटीओ के रूप में कुछ समय के लिए ज्वाइन किया। अंतिम ज्वाइनिंग आरएएस अधिकारी के रूप में की, जिसमें अभी भी सेवाएं दे रहे हैं।

अब आईएएस की जगह लगाया
राजस्थान सरकार ने श्याम सुंदर बिश्नोई को अजमेर एसीएम के पद से चित्तौड़गढ़ उपखंड अधिकारी के पद पर लगाया है। लॉकडाउन में चित्तौड़गढ़ उपखंड अधिकारी पद काफी सुर्खियों में रहा है। इस पद पर बिश्नोई से पहले आईएएस तेजस्वी राणा कार्यरत थीं। राणा ने चित्तौड़गढ़ के अप्सरा चौराहे पर लॉकडाउन के नियमों का उल्लंघन करने पर 14 अप्रैल 2020 को बेंगू विधायक राजेन्द्र सिंह विधुड़ी की गाड़ी का चालान कटवा दिया था। इसके बाद इनका तबादला संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी हेल्थ इंश्योरेंस एजेंसी जयपुर के पद पर कर दिया था।












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