राजस्थान के सीएम पर जल्द हो निर्णय, धारीवाल, जोशी और राठौर किए जाएं बर्खास्त, गहलोत गुट पर गुढ़ा का बड़ा हमला
सैनिक कल्याण मंत्री राजेंद्र सिंह गुढ़ा (Rajendra singh Gudha) के बयान ने एक बार फिर राजस्थान की सियासत में गरमाहट ला दी है। गुढ़ा के बयान के बाद एक बार फिर से राजस्थान की सियासत में घमासान मच सकता है।
सैनिक कल्याण मंत्री राजेंद्र सिंह गुढ़ा (Rajendra singh Gudha) के बयान ने एक बार फिर राजस्थान की सियासत में गरमाहट ला दी है। गुढ़ा के बयान के बाद एक बार फिर से राजस्थान की सियासत में घमासान मच सकता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आलाकमान को राजस्थान के मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर जल्द कोई निर्णय लेना चाहिए।

राजस्थान सरकार के मंत्री राजेंद्र सिंह गुढ़ा ने गहलोत गुट के नेताओं बड़ा हमला बोला। गुढ़ा ने कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल (KC Venugopal congress) ने एक-दो दिन में मुख्यमंत्री के बारे में फैसला करने की बात कही थी। लेकिन अब तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है।
गुढ़ा के बयान के बाद एक बार फिर से राजस्थान की सियासत में घमासान मच सकता है। गुढ़ा ने कहा है कि कांग्रेस आलाकमान को शांति धारीवाल (Shanti Dhariwal), धर्मेंद्र राठौर और महेश जोशी को बर्खास्त कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस (Congress)आलाकमान राजस्थान के मुख्यमंत्री पद को लेकर जल्द फैसला सुनाना चाहिए।
गुढ़ा एक महीने पहले राजस्थान कांग्रेस में मचे घमासान का जिक्र करते हुए कहा कि केसी वेणुगोपाल ने एक महीने पहले कहा था कि राजस्थान के सीएम को लेकर एक-दो दिन में फैसला हो जाएगा लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ है। राज्य मंत्री एस धारीवाल, मुख्य सचेतक महेश जोशी और आरटीडीसी प्रमुख धर्मेंद्र राठौर को दिए गए कारण बताओ नोटिस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व को सीएलपी की बैठक बुलाकर राजस्थान के सीएम के संबंध में निर्णय लेना चाहिए। मुझे लगता है कि इन तीनों नेताओं को बर्खास्त कर देना चाहिए।
पंचायती राज्य मंत्री राजेंद्र सिंह गुढ़ा के इस बयान के बाद एक बार फिर से राजस्थान का सियासी पारा बढ़ सकता है। गहलोत गुट पर बड़े हमले के बाद पर तीखी प्रतिक्रियाओं के लेकर राजस्थान कांग्रेस में एक बार फिर घमासान मच सकता है। राजस्थान के सीएम और गहलोत गुट के कांग्रेस नेताओं को लेकर बयान से बागी सुर बुलंद होने की उम्मीद है।
बता दें कि कांग्रेस आलाकमान के खिलाफ बगावत के लिए उकसाने के मामले में जिन तीन नेताओं को संगठन ने नोटिस दिया था, उन्हीं का नाम गुढ़ा ने लिया है। ये नेता गहलोत गुट के हैं। मामले में पार्टी आलाकमान ने तीनों नेताओं शांति धारीवाल, महेश जोशी और धर्मेंद्र राठौड़ को नोटिस भी जारी किया था। इसका उन्हें 10 दिन में जवाब देना था। जिसके बाद कार्यवाई आगे बढ़नी थी। लेकिन अब तक कार्रवाई की प्रक्रिया नहीं बढ़ी। वहीं अब राजेंद्र सिंह गुढा इन तीनों नेताओं पार्टी से बर्खास्त करने की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि इन्हीं नेताओं के उकसाने पर कांग्रेस के विधायकों ने विधायक दल की बैठक का बहिष्कार किया था।












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